आस्ट्रेलिया को विशाल जनसंख्या नहीं चाहिए : गिलार्ड
मेलबर्न, 27 जून (आईएएनएस)। आस्ट्रेलिया में मुख्य रूप से प्रवासियों की बढ़ती तादाद की वजह से बढ़ रही जनसंख्या की नीति से हटते हुए प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने कहा है कि उनका भरोसा 'विशाल आस्ट्रेलिया' में नहीं है, बल्कि वह प्रवासियों को नियंत्रित अनुमति के विचार के पक्ष में हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री केविन रड की नीतियों से हटते हुए गिलार्ड ने कहा कि देश को बड़ी जनसंख्या के रास्ते पर नहीं धकेला जाना चाहिए।
गिलार्ड ने कहा, "हमारी आवश्यकता प्रशिक्षित कामगारों की हैं लेकिन मैं हमेशा इसे निरंतरता के साथ देखना चाहती हूं।"
अनुमान है कि वर्ष 2050 तक आस्ट्रेलिया की जनसंख्या 2.2 करोड़ से बढ़कर 3.59 करोड़ हो जाएगी। इस वर्ष के आरंभ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार यदि प्रवास की मौजूदा रफ्तार कायम रही तो बढ़ी हुई जनसंख्या में विदेशी प्रवासियों का योगदान सबसे अधिक होगा।
समाचार पत्र 'द एज' के अनुसार गिलार्ड ने कहा, "मैं बड़ी जनसंख्या वाले आस्ट्रेलिया के विचार का समर्थन नहीं करती। हमें एक स्थाई आस्ट्रेलिया के लिए विचारपूर्वक नीतियां विकसित करनी चाहिएं।"
उन्होंने कहा कि वह ऐसी जनसंख्या चाहती हैं जिसको आस्ट्रेलिया का पर्यावरण, जल, जमीन, सड़कें, बसें, रेलगाड़ियां या अन्य सेवाएं बर्दाश्त कर सकें।
गिलार्ड ने सुझाव दिया कि सरकार देश के विभिन्न हिस्सों के लिए भिन्न आव्रजन नीतियां बना सकती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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