कोलकाता में मुख्य न्यायाधीश कक्ष में तोड़फोड़
अदालत के कर्मचारियों ने कहा कि नारेबाजी करते हुए वकीलों के एक समूह ने मुख्य न्यायाधीश मोहित शाह के कमरे में तोड़फोड़ की। समूह ने दरवाजे के शीशे तोड़ डाले और फर्नीचर व अन्य सामान तितर-बितर कर दिया।
वकीलों ने हालांकि इस बात से इंकार किया है कि उन्होंने किसी तरह का कोई नुकसान किया है।
गुरुवार की रात वकीलों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में पश्चिम बंगाल बार काउंसिल के काम रोको आह्वान के कारण राज्यभर में अदालतों में कामकाज ठप्प रहा।
कलकत्ता बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भी विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस ज्यादती के लिए पुलिस आयुक्त गौतम मोहन चक्रबर्ती से माफी की मांग को लेकर अदालत के चारों ओर जुलूस निकाला।
संकट उस समय शुरू हुआ जब कुछ वकीलों ने गुरुवार को तीसरी मंजिल पर स्थित विवादित रूम पर यह कहते हुए कब्जा कर लिया कि उन्हें सूचित किए बगैर इसे अदालती रजिस्ट्रारों को दे दिया गया।
वकीलों ने अदालत का समय समाप्त होने के बाद 1,000 वर्गफुट के कमरे को अपने कब्जे में ले लिया और उन्होंने कहा कि उस कमरे को उन्हें स्थायी रूप से आवंटित किया जाना चाहिए, क्योंकि बार एसोसिएशन के 5,500 सदस्यों को बैठने के लिए जगह की कमी है।
उसके बाद पुलिस रात लगभग 11 बजे वहां पहुंची और वकीलों को जबरन बाहर निकाल दिया। परिणामस्वरूप वकील विरोध प्रदर्शन पर उतर आए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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