परेश बरुआ ने शांति पहल को खारिज किया

गुवाहाटी, 25 जून (आईएएनएस)। प्रतिबंधित युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के भूमिगत कमांडर इन चीफ, परेश बरुआ ने नवगठित सिटिजन फोरम की शांति पहल को खारिज कर दिया है। इससे राज्य में शांति स्थापना के लिए गठित इस मंच के प्रयास को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है।

आईएएनएस को प्राप्त हुए एक ई-मेल बयान में बरुआ ने कहा है, "फोरम उपनिवेशी शासकों (केंद्र सरकार) के साथ शांति वार्ता के मुद्दे को कूटनीतिक तरीके से रख पाने में विफल रहा और ऐसा लगता है कि फोरम के सदस्य जनहित को ध्यान में रखने के बदले अपने निजी विचारों और विचारधाराओं से अधिक प्रेरित थे।"

ज्ञात हो कि फोरम का छह सदस्यीय शिष्टमंडल पिछले एक सप्ताह से नई दिल्ली में था और उल्फा के साथ शांति वार्ता शुरू करने के लिए समर्थन जुटाने हेतु उसने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, गृह मंत्री पी.चिदंबरम और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की।

उल्फा के बयान में कहा गया है, "फोरम के सदस्य अधिक योग्य और शिक्षित हो सकते हैं, लेकिन उनके पास उल्फा जैसे मुद्दों से निपटने के हुनर का अभाव है, क्योंकि वे जमीनी हकीकत से वाकिफ नहीं हैं।"

बरुआ ने कहा है कि फोरम के नेताओं ने संप्रभुता संबंधी उल्फा की मुख्य मांग के बारे में भ्रामक बयान दिया है।

बयान में सवाल किया गया है, "वे कैसे कह सकते हैं कि संप्रभुता या आजादी की मांग स्वीकार नहीं की जा सकती।"

इस बयान के स्वर ने साफ संकेत कर दिया है कि उल्फा ने फोरम द्वारा की गई शांति पहल को खारिज कर दिया है।

बरुआ ने कहा है, "आइए हम आजादी के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए खून बहाने को तैयार हों, साथ ही हम समस्या के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भी काम करें।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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