भारत-पाक वार्ता को आतंकवाद से अलग करने पर सहमत (लीड-2)
इस्लामाबाद, 24 जून (आईएएनएस)। भारत और पाकिस्तान ने आतंकवादी तत्वों को सुधरते संबंधों को पटरी से उतारने का कोई अवसर नहीं देने के लिए गुरुवार को आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई जबकि उनके विदेश सचिवों ने व्यापक, निरंतर और अर्थपूर्ण वार्ता के लिए उपायों पर चर्चा की।
पाकिस्तान के विदेश सचिव सलमान बशीर से प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में आतंकवाद के प्रति भारत की प्रमुख चिंता को सामने रखने के बाद विदेश सचिव निरुपमा राव ने गुरुवार को कहा, "हमें आतंकवादी तत्वों को संबंधों में सुधार की संभावनाओं को चोट पहुंचाने का कोई मौका नहीं देना चाहिए।"
मुंबई पर 26/11 के आतंकवादी हमले के बाद पहली संयुक्त मीडिया उपस्थिति में राव ने कहा, "हमें विश्वास है कि पाकिस्तान के साथ संबंध सुधारने का एकमात्र रास्ता वार्ता है।"
बशीर और राव ने विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा और पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बीच 15 जुलाई को होने वाली बैठक का एजेंडा तय करने के लिए आतंकवाद और जम्मू एवं कश्मीर सहित व्यापक द्विपक्षीय मुद्दों पर वार्ता की।
राव ने कहा कि वार्ता के दौरान व्यापक, स्थिर और अर्थपूर्ण संवाद के लिए विश्वास और भरोसा बहाल करने के उपायों को स्वीकार किया गया।
राव ने कहा, "हमारा मानना है कि वार्ता आगे बढ़ने का सबसे बेहतर रास्ता है।"
राव ने कहा कि भारत की प्रमुख चिंता आतंकवाद पर वार्ता में चर्चा हुई और भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए पाकिस्तान की धरती का उपयोग नहीं करने देने के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के वादे की याद दिलाई गई।
राव ने कहा कि दोनों पक्ष इन खतरों और बुराइयों के खिलाफ एक साथ काम करेंगे।
पाकिस्तानी विदेश सचिव ने कहा कि कुल मिलाकर यह एक सर्वाधिक उपयोगी बैठक थी और विश्वास जताया कि अगले महीने पाकिस्तान और भारत के विदेश मंत्रियों की बैठक में अच्छा परिणाम सामने आएगा।
बशीर ने कहा, "मंत्रिस्तरीय वार्ता के अच्छे नतीजों को लेकर मैं बहुत आशान्वित हूं।"
उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर यह बैठक बहुत उपयोगी रही। आपसी समझ के लिए यह प्रयास बहुत अच्छा रहा। हमें आगे बढ़ने की जरूरत है। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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