रिलांयस ब्रदर ढायेंगे गदर!

रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को अपने छोटे भाई अनिल के स्वामित्व वाली बिजली उत्पादक फर्मो को कृष्णा-गोदावरी बेसिन से गैस आपूर्ति का भरोसा दिलाते हुए आशा व्यक्त की कि दोनों समूहों में भविष्य में सौहार्दपूर्ण संबंध कायम रहेंगे।अपनी कंपनी की 36वीं वार्षिक आमसभा में मुकेश अंबानी ने प्राकृतिक गैस के मसले पर चली लंबी कानूनी लड़ाई का हवाला देते हुए कहा, "कानूनी विवाद को पीछे छोड़ते हुए, हम उम्मीद करते हैं कि अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के साथ सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक संबंध बने रहेंगे।"
मुकेश अंबानी के अनुसार आरआईएल उत्पादन भागीदारी अनुबंध के प्रावधानों के दायरे में है और बना रहेगा। इसके तेल और गैस पोर्टफोलियो में भारत सरकार की महत्वपूर्ण शेयरहोल्डिंग है। आरआईएल ने 2009-10 वित्तीय वर्ष के लिए 70 प्रतिशित डिविडेंट अथवा सात रूपए प्रति शेयर की पेशकश की है। इस मौके पर मुकेश अंबानी ने बताया कि केजी-डी6 ब्लॉक से आरआईएल का उत्पादन 6 करोड़ स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन और 30 हजार बैरल प्रतिदिन के पार पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि आरआईएल ने पूर्वी तट पर तेल उत्खनन के अभियान को तेज किया है। अंबानी ने शेयरहोल्डरों से बताया कि आरआईएल कृष्णा-गोदावरी बेसिन में केजी-डी6 ब्लॉक, महानदी बेसिन के एनईसी-25, कैंबे बेसिन के सी-10 ब्लाक और सोहागपुर के सीबीएम ब्लाक में हुई खोजों के विकास के काम को तेज करेगी।
मुकेश अंबानी ने शेल गैस (कोयले से गैस) की महत्वाकांक्षी परियोजना पर जोर देने के बारे में भी बात की। यह यह बैठक बिड़ला मातोश्री आडिटोरियम में हुई। उल्लेखनीय है कि आज ही रिलायंस ग्रुप के बंटवारे के पांच साल पूरे हो रहे हैं। आरआईएल की एजीएम पर शेयर बाजार की नजर भी रही, और कंपनी के शेयरों में बढ़त देखी गई। खैर दोनों बंधुओं की सुलह से उम्मीद की जा सकती है कि दोनों भाईयों का आपसी ताल मेल आने वाले दिनों में भारत को नई पहचान और उपलब्द्धि दिलायेगा।












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