कोल इंडिया के विनिवेश से घबराने की जरूरत नहीं : जायसवाल
लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में शुक्रवार को संवाददाताओं से बाचतीच में जायसवाल ने कहा कि कोल इंडिया में विनिवेश से जो रकम केंद्र सरकार को मिलेगी उससे देश के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और कल्याणकारी योजनाओं में लगाया जाएगा।
कोयला मंत्री ने साफ किया कि भारत सरकार के कोल इंडिया में 10 फीसदी का विनिवेश करने के फैसले से किसी को डरने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार के पास विनिवेश के बाद भी 90 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि कोल इंडिया के विनिवेश से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि उसमें पारदशिर्ता आएगी और उसका प्रदशर्न बेहतर होगा।
जायसवाल ने कहा कि हमारी सरकार कोयला उत्पादन और खनन गतिविधियों से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कई वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण एवं वन मंत्रालय से एक प्रस्ताव पर विचार हो रहा है जिसके तहत पर्यावरण मंत्रालय से हमें जितनी जमीन की स्वीकृति मिलेगी हम उसके तीन गुना जमीन पर पेड़-पौधे लगाकर हरा-भरा करके देंगे।
इस दौरान कोयला मंत्री ने कहा कि इस साल नक्सलवाद और लचर कानून-व्यवस्था जैसी विपरीत परिस्थितियों के बीच कोयले के उत्पादन में 8 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है, जो हमारे लिए गर्व की बात है।
उन्होंने राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि राजकीय पुलिस के नाक के नीचे नक्सली और असामाजिक तत्व हर साल करोड़ों रुपये की कोयले की चोरी और कोल इंडिया के कर्मचारियों का अपहरण जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं, लेकिन राज्य पुलिस केवल तमाशा देखती रहती है।
जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकारों से अनुरोध है कि वे यह समझें कि कोयला ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत हैं। देश की 55 फीसदी ऊर्जा की आपूर्ति कोयले से होती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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