त्रिपुरा में वयोवृद्ध मार्क्सवादी नेता का निधन
देववर्मा त्रिपुरा में लगभग 10 लाख की संख्या वाले जनजातीय समुदाय में एक बड़ी हस्ती के रूप में अपनी पहचान रखते थे। वह अपनी जिंदगी में कोई चुनाव नहीं हारे। वर्ष 1993 तक वह छह बार राज्य विधानसभा के लिए चुने गए।
त्रिपुरा सरकार में मंत्री पद को सुशोभित कर चुके देववर्मा बढ़ती उम्र के कारण पिछले कुछ सालों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। काफी पहले उनकी पत्नी का निधन हो गया था।
मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने देववर्मा के निधन पर शोक जताते हुए कहा, "पिछली शताब्दी के मध्य से लेकर आज तक पूर्वोत्तर में हुए सभी जन आंदोलनों में वह बढ़-चढ़ कर शामिल हुए। त्रिपुरा के राजनीतिक इतिहास में उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। वह सच्चे योद्धा थे।"
त्रिपुरा के राज्यपाल डी. वाई पाटील सहित प्रदेश के सभी मंत्रियों व वरिष्ठ नेताओं ने देववर्मा के निधन पर शोक जताया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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