बस्तर में जनगणना के लिए मिला अतिरिक्त समय
नई दिल्ली, 13 जून (आईएएनएस) छत्तीसगढ़ सरकार को बस्तर के नक्सल प्रभावित इलाकों में जनगणना कार्यों के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। इन इलाकों में नक्सलियों की गतिविधियों के कारण जनगणना कर्मचारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
छत्तीसगढ़ की जनगणना निदेशक रेणु पिल्लै ने आईएएनएस से कहा, "प्रदेश सरकार ने इन (बस्तर) इलाकों में जनगणना कार्य के लिए अतिरिक्त समय देने की मांग की थी, इसलिए यह समय बढ़ाया गया है।"
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बस्तर में पहला चरण पूरा करने के लिए सितंबर तक का समय दिया गया है।
छत्तीसगढ़ में यह कार्य एक मई को शुरू किया गया था इसे 15 जून तक पूरा किया जाना था।
पहले चरण के दौरान राष्ट्रीय जनगणना रजिस्टर के लिए आंकड़ों का संग्रह और घरों की सूची बनाने का काम होना है।
छत्तीसगढ़ जनसंख्या अधिकारियों ने कहा कि बस्तर के कुछ इलाकों में खासकर नारायणपुर जिले में जनगणना का काम काफी धीमी गति से चल रहा है।
जिला प्रशासन लोगों का सहयोग हासिल करने और उन्हें जनगणना के लिए जानकारी देने के लिए तैयार करने के लिए सभी तरह के प्रचार माध्यमों का सहारा ले रहा है।
उन्होंने कहा कि बीजापुर, नारायणपुर और दंतेवाड़ा में कई जगहों पर ग्रामीण इलाकों में नक्सलियों ने जनगणना के काम का विरोध किया है और जनगणना सामग्री को लूटने और जलाने जैसी घटनाएं की हैं।
अधिकारी ने कहा कि हमें भोलापट्टनम, भैरमगढ़ और ओरछा में भी नक्सलियों द्वारा बाधा डाले जाने की खबरें मिली हैं।
पुलिस के मुताबिक 2005 से अब तक बस्तर के इलाके में नक्सलियों ने 1,750 लोगों की हत्या की है। उनका कहना है कि 1980 के बाद से इन इलाकों में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं है।
जनगणना का पहला चरण सितंबर में समाप्त होना है जबकि दूसरा चरण 9 फरवरी 2011 को समाप्त होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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