जरदारी ने जेल में की तालिबान नेताओं से मुलाकात!
रविवार को संडे टाइम्स में आई खबर के अनुसार जरदारी ने कैदियों को जल्द रिहाई का भरोसा दिया है।
क्वेटा शूरा (तालिबान वार काउंसिल) के लगातार संपर्क में रहे एक वरिष्ठ तालिबान सूत्र ने संडे टाइम्स को बताया कि अप्रैल में इंटर-सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ जरदारी ने पाकिस्तान की एक जेल में 50 ऊंचे दर्जे के तालिबान सदस्यों से मुलाकात की थी। लेकिन जरदारी के प्रवक्ता ने इसका जोरदार खंडन किया था।
सूत्र के अनुसार जरदारी ने कहा था, "आप लोग हमारी जनता व दोस्त हैं और आपकी रिहाई के बाद हम आपके अभियान में सहयोग देंगे।"
संडे टाइम्स सूत्र के मुताबिक जाने-माने कमांडारों की रिहाई का वचन देते हुए जरदारी ने कहा था कि 'प्रसिद्ध' तालिबान नेताओं को कुछ ही दिनों बाद छोड़ दिया जाएगा। जरदारी के दौरे के पांच दिन बाद कुछ तालिबान कैदियों की रिहाई की तैयारी की गई।
जरदारी ने तालिबान नेताओं को स्पष्ट तौर पर कहा कि उनकी गिरफ्तारी इसलिए की गई कि सरकार पर अमेरिकी दबाव था। अमेरिका की ओर से कहा गया था कि पाकिस्तान के अभयारण्य में तालिबानियों का विचरना बंद किया जाए।
जेल में कैद एक तालिबान नेता के अनुसार पाकिस्तानी राष्ट्रपति के कथित दौरे से पांच दिन पूर्व जेल के अधिकारियों की बैठक हुई थी, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति के आदेशुसार रिहाई की तैयारी की जाए।
सूत्र के मुताबिक, "जरदारी कैदियों को अहसास दिलाना चाहते हैं कि वे उनके लिए महत्वपूर्ण और आदरणीय हैं।"
सूत्र के हवाले से संवाददाता ने बताया कि जेल दौरे के दौरान जरदारी ने मुल्ला अब्दुल गनी बरादर से भी मुलाकात की थी। तालिबानी कमान में दूसर दर्जे पर रहे बरादर को वर्ष की शुरुआत में सात अन्य नेताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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