राजस्थान में 14 लाख बाल श्रमिक
प्रमुख शासन सचिव शनिवार को यहां पिंक सिटी प्रेस क्लब में अन्तर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 'नन्हें हाथ कलम के साथ बाल श्रम से शिक्षा की ओर' अभियान के शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि विश्व के 19 प्रतिशत बच्चे भारत में निवास करते है इनमें 63 प्रतिशत बच्चे कठिन परिस्थितियों में रहते हैं। प्रदेश में लगभग 14 लाख बच्चे बाल श्रम से जड़े हुए हैं।
उन्होंने नन्हें हाथ कलम के साथ अभियान में लोगों से अपील की कि अपनी गरीबी दूर करने के लिये अपने बच्चों का बचपन अंधकार एवं उनका जीवन गरीबी में ना धकेलें। उन्होंने कहा कि बाल श्रम एक कानूनी जुर्म ही नहीं पाप भी है।
कान्त ने कहा कि इस अभियान से लोगों को बाल मजदूरी के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक, शिक्षा से जोड़ने के लिये बाल श्रमिकों का चिन्हीकरण और गरीब परिवारों को चिन्हित कर ऐसे वंचित गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की जायेगी।
यूनिसेफ के स्टटे चीफ सेम्यूअल मेगवाडगीज ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा चालाई जा रही विभिन्न योजनाओं से अभिभावकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और इससे बाल श्रम कम करने में भी मदद मिली है। उन्होंने बाल श्रम से जुड़े बच्चों के अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा दिलाये।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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