गांवों में सेवा देने वाले मेडिकल छात्रों को प्रोत्साहन : आजाद (लीड-1)
गुड़गांव, 12 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सरकार योजना बना रही है कि स्नातकोत्तर से पहले गांवों में सेवा देने वाले मेडिकल स्नातकों को उनकी पढ़ाई में प्रोत्साहन दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले मेडिकल स्नातकों को अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे जो स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए आवेदन करते समय उनके काम आएंगे।
शनिवार को गुड़गांव स्थित आर्टेमिस हेल्थ इंस्टीट्यूट में अंग प्रत्यारोपण इकाई का उद्घाटन करने के बाद आजाद ने कहा, "छात्रों को स्नातकोत्तर कोर्स के लिए होने वाली राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा (एनईई) में अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे, यदि वे ग्रामीण क्षेत्रों में अपनी सेवा देंगे।"
उन्होंने कहा, "यदि कोई छात्र ग्रामीण क्षेत्र में एक वर्ष सेवा देगा तो उसे दस प्रतिशत, दो वर्ष सेवा देने वाले को 20 प्रतिशत व तीन साल सेवा देने पर 30 प्रतिशत अंक अतिरिक्त दिए जाएंगे।"
ज्ञात हो कि चिकित्सकों को ग्रामीण क्षेत्र में सेवा देना अनिवार्य करने संबंधी प्रस्ताव 2006 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदास ने लाया था, जिसका मेडिकल छात्रों ने तीव्र विरोध किया था।
आजाद ने आर्टेमिस हेल्थ इंस्टीट्यूट में श्रोणि (पेल्विक) सर्जरी संबंधी दो दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन भी किया।
संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व प्रमुख कार्डियोथोरासिक सर्जन कुशाग्र कटारिया ने बताया, "अंग प्रत्यारोपण को विश्वभर के चिकित्सकों ने स्वीकार किया है। इस पद्धति से कई जटिल रोगों का बेहतर इलाज आसान हो गया है, खासकर उत्सर्जन अंगों के काम न करने की स्थिति में यह काफी कारगर है।"
उन्होंने बताया कि संस्थान पिछले कुछ महीनों में उत्सर्जन अंगों व कार्निया सहित दस मामलों में अंग प्रत्यारोपण करने में सफल रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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