बिहारी बाबू का गुस्सा फूटा, यशवंत, हेमा ने दिखाई नाराजगी
इससे पहले उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "कार्यसमिति पटना में हो रही है और मुझे इसके मद्देनजर कोई जिम्मेदारी भी नहीं दी गई है। बड़े से बड़े नेता इसमें लगे हुए हैं। संभवत: मेरी जरूरत नहीं समझी गई। स्वाभिमान रैली के लिए मुझे बुलाया नहीं गया है इसलिए मेरा जाना उचित नहीं होगा, मैं नहीं जाउंगा।"
सिन्हा ने इसके साथ ही पार्टी की आंतरिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष गडकरी को स्वतंत्र रूप से पार्टी में फैसला नहीं लेने दिया जा रहा है।
बैठक में यशवंत सिन्हा, किरण खेर, हेमा मालिनी का नहीं पहुंचना भी विवादों में रहा। बताया जाता है कि सभी राज्यसभा उम्मीदवारी के मसले पर नाराज हैं। स्मृति ईरानी बैठक में पहुंची लेकिन शाम में।
वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी को राजस्थान से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर उठे विवाद की छाया भी कार्यसमिति बैठक में दिखी।
सूत्रों के मुताबिक जेठमलानी को राजस्थान से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर पार्टी की राज्य इकाई में हो रहे विरोध के मद्देनजर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित राज्य के आधे दर्जन वरिष्ठ नेताओं को कार्यसमिति में न आने की सलाह दी गई है।
कार्यसमिति के एक सदस्य के मुताबिक वसुंधरा, पूर्व प्रदेष अध्यक्ष ओम माथुर, रामदास अग्रवाल, प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, घनश्याम तिवाड़ी और गुलाब चंद्र कटारिया को कार्यसमिति से दूर रहने की सलाह दी गई है। कार्यसमिति में राजस्थान की ओर से शामिल होने वाले नेताओं में किरण माहेश्वरी, सुनील भार्गव, महेश शर्मा और मानवेंद्र सिंह प्रमुख हैं।
चतुर्वेदी ने आईएएनएस से फोन पर बातचीत में कहा कि कुछ लोग बैठक में हिस्सा नहीं लेने जा रहे हैं क्योंकि राज्यसभा चुनाव में वह फंसे हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि पार्टी ने तमाम विरोधों के बावजूद जेठमलानी को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के केंद्रीय नेताओं के साथ प्रदेश इकाई भी इसके विरोध में है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications