अब तक झोपड़पट्टी ही है रूबीना का बसेरा
मुंबई, 12 जून (आईएएनएस)। ऑस्कर विजेता फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर' में अभिनय कर दुनिया भर में चर्चित हो जाने वाली मुंबई के झोपड़पट्टी इलाके की नन्हीं रूबीना अली कुरैशी की आत्मकथा का मराठी संस्करण जारी होने को है, हालांकि उसका घरौंदा अब तक वही झुग्गी और उसका असुरक्षित माहौल ही है।
'माझा तारयांकाडे प्रवास' नाम की यह आत्मकथा अंग्रेजी की 'स्लमगर्ल ड्रीमिंग' का मराठी अनुवाद है। इसे मुंबई की लेखिका मैत्रयी जोशी ने लिखा और मेहता पब्लिशिंग हाउस, पुणे ने प्रकाशित किया है।
मेहता पब्लिशिंग हाउस के मालिक सुनील मेहता ने आईएएनएस को बताया, "हम इसे 27 जून को मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में राज्य भर में जारी करेंगे।"
इस पुस्तक को मूल रूप से फ्रांस की लेखिका ऐन बाथरेड ने फ्रेंच में लिखा था। बाद में दिल्ली के एक प्रकाशन संस्थान ने इसका अंग्रेजी में अनुवाद कर प्रकाशित किया। इसमें महज नौ साल की उम्र में धारावी की झोपड़पट्टी से ऑस्कर की चकाचौंध भरी दुनिया में पहुंचने तक के उसके संघर्ष का विवरण है।
मेहता का कहना है, "यह विडंबना ही है कि विदेशी लेखकों ने उसे किताब का विषय समझा, लेकिन भारतीय लेखकों ने मुंबई की इस लड़की की प्रेरणादायी गाथा की अनदेखी की, जो झोपड़पट्टी से दुनिया के मंच पर जा पहुंची।"
उन्होंने कहा कि वह रूबीना की कहानी झोपड़पट्टी से लेकिर महाराष्ट्र के आम लोगों के बीच ले जाना चाहते थे इसलिए उन्होंने इस आत्मकथा का मराठी संस्करण लाने का फैसला किया।
इसकी मूल फ्रांसीसी पुस्तक का शीर्षक 'डी मॉन बिदॉनविल ए हॉलीवुड' था।
जोशी का कहना है, "यह यकीनन दिल को छू ले वाली और अद्भुत बात है कि किस तरह झोपड़पट्टी की एक लड़की इतनी कम उम्र में इतनी ऊंचाई पर जा पहुंची। धारावी से ऑस्कर का सफर तय करने वाली रूबीना का सकरात्मक दृष्टिकोण और साहस बहुत से अन्य लोगों के लिए प्रेरणादायक है।"
रूबीना के प्रचारक और मार्गदर्शक दिनेश दूबे ने कहा कि फ्रेंच पुस्तक को पूरे यूरोप में बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली, लेकिन सही प्रचार न होने की वजह से भारत में अंग्रेजी की पुस्तक ज्यादा चर्चित नहीं हुई।
उन्होंने रूबीना के उसी झोपड़पट्टी में रहने पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, "रूबीना ऐसे माहौल में असुरक्षित महसूस करती है। महाराष्ट्र सरकार ने जिस फ्लैट को देने का वादा किया था, वह अब तक अधूरा है, जबकि जय हो न्यास द्वारा मंजूर कोष बांद्रा में संपत्ति की चढ़ती कीमतों की वजह से कम पड़ रहा है।"
फिलहाल रूबीना को रोजाना धारावी की झुग्गी बस्ती से बांद्रा जाना होता है, जहां के एक स्कूल में वह तीसरी कक्षा में पढ़ती है। इसके साथ ही वह हॉलीवुड की एक और फिल्म में अभिनय की तैयारी भी कर रही है। लॉर्ड ओवंस लेडी नाम की इस फिल्म में अमेरिकी अभिनेता एंथनी होपकिंस भी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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