क्या है आपका लकी चार्म?
जिस नौकरी के लिए आपका चयन हुआ उसके इंटरव्यू के वक्त आप कौन सी शर्ट पहन कर गए थे, जेब में किस रंग कार रुमाल था? जिस परीक्षा में आप सफल हुए, वो परीक्षा आपके किस कलम से दी थी? शायद इन सवालों का जवाब आपके पास नहीं होगा, हो सकता है आप याद कर रहे हों, कि आखिर कौन सी शर्ट मैने उस दिन पहनी थी। खैर छोड़िए, आप बस इतना बता दीजिए कि आपका लकी चार्म क्या है?
बहुत सारे लोग इन सब बातों का ध्यान नहीं रखते, लेकिन सच पूछिए तो कब कौन सी चीज आपके लिए लकी चार्म बन जाए, आपको खुद भी नहीं पता रहता। यानी कौन सी वस्तु आपके लिए कब लकी साबित हो जाए, कुछ नही कह सकते। लेकिन ये बातें हर व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण होती हैं। हो सकता है अच्छे काम के लिए निकलते वक्त जब आप अपने लकी चार्म को साथ रखते हों, तो आपके साथी या घर वाले आप पर कटाक्ष करते हों। कहते हों कि ये सब फिजूल की बाते हैं, लेकिन यह बातें फिजूल नहीं हैं।
कई हस्तियां जो नहीं भूलतीं लकी चार्म
यदि आप कुछ सफल लोगों की बात करें तो उनमें कई नाम आपके होठों पर आ जाएंगे। जैसे कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी। जब भी अमेठी जाते हैं, तो अपने पिता स्वर्गीय राजीव गांधी का कुर्ता पहन कर जाते हैं, वहीं प्रियंका वाडेरा अपनी दादी इंदिरा गांधी की साड़ी में ही अमेठी जाती हैं। अमिताभ बच्चन आज भी अपने पिता की दी हुई घड़ी पहन रहे हैं।
सचिन तेंदुलकर खेलने से पहले सबसे पहले अपने दाएं पैर में वो पैड बांधते हैं, जो उनके भाई ने दिया था। मैच में अगर कोई अन्य पैड पहनना होता भी है, तो उससे पहले थोड़ी देर के लिए ही सही वो वही पैड पहनते हैं। सौरव गांगुली के लाल रुमाल, अजहरुद्दीन के काले और जहीर खान के पीले रुमाल से आप सभी वाकिफ होंगे। वहीं शिल्पा शेट्टी अपनी टीम के मैच के दौरान हमेशा दोनों हाथों में घडि़यां पहनती हैं। ऐसे तमाम खिलाड़ी, बिजनेसमैन, राजनेता, आदि हैं, जो अपना-अपना लकी चार्म कभी नहीं भूलते।
विज्ञान भी मानता है इसे
वैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो लखनऊ के मनोवैज्ञानिक डा. एके सिन्हा का कहना है कि यह बात विज्ञान में सिद्ध है कि प्रत्येक वस्तु की अपनी ऊर्जा होती है। वो सकारात्मक ऊर्जा यानी पॉजिटव एनर्जी या फिर नकारात्मक यानी निगेटिव एनर्जी हो सकती है। पॉजिटव एनर्जी यदि आपके शरीर में प्रवाहित होती है, तो आपका मनोबल बढ़ता है। सही मायने में लकी चार्म का महत्व मनोबल बढ़ाने का ही होता है। इससे व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ जाता है। जाहिर है किसी काम को अगर पूरे आत्मविश्वास के साथ किया जाए तो सफलता के चांस अधिक रहते हैं। लकी चार्म का मनौवैज्ञानिक कारण देखें तो जब वो व्यक्ति के साथ होता है, तो व्यक्ति सब कुछ अच्छा महसूस करता है। इसीलिए कई बार अच्छे काम पर निकलते वक्त अगर लोगों का लकी चार्म साथ नहीं होता है, तो उनका मनोबल गिर जाता है। ऐसे में सफलता के चांस कम हो जाते हैं।
कुल मिलाकर काई भी चीज आपके लिए कभी भी लकी साबित हो सकती है। ऐसा होने पर उसे दोबारा जरूर आज़माएं, क्योंकि दोबारा सफलता मिलने पर अपने लकी चार्म के प्रति आपका जरूर विश्वास बढ़ेगा।
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