राजस्थान में शिक्षा का अधिकार
नई दिल्ली, 11 जून (आईएएनएस)। राजस्थान में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अगले तीन वर्षो में 6 से 14 आयु वर्ग के छात्रों के लक्ष्य समूह को प्राथमिक शिक्षा देने के लिए प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 14 हजार करोड़ रुपये की जरूरत होगी।
यह बात शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल के साथ राजस्थान के शिक्षा मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के साथ हुई शास्त्री भवन में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सामने आई। बैठक में राजस्थान के प्रमुख शिक्षा सचिव अशोक सम्मतराम भी मौजूद थे। सिब्बल इन दिनों शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आर.टी.ई.) को देश भर में लागू करवाने के लिए विभिन्न राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ अलग-अलग मुलाकात कर रहे हैं।
सिब्बल ने राजस्थान में आर.टी.ई. बिल आने से पहले ही समानीकरण का काम शुरू किए जाने और अधिनियम की मंशा के अनुरूप टास्क फोर्स का गठन किए जाने के लिए राजस्थान सरकार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश में समानीकरण का कार्य शुरू करने वाला राजस्थान पहला राज्य है।
सिब्बल ने विश्वास दिलाया कि राजस्थान की विशिष्ट भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा भेजे गए पत्र के अनुरूप राजस्थान को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत स्कूल खोलने और शिक्षकों की भर्ती आदि के लिए केंद्र से 75 : 25 के अनुपात में मदद दिलवाने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल उन्होंने 65 : 35 अनुपात में मदद देने के संबंध में हुई सैद्धांतिक स्वीकृति से अवगत कराया।
सिब्बल ने कहा कि इस अधिनियम के अंतर्गत प्रदेश में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों, शिक्षकों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के लिए केंद्र से धन की कोई कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। विशेष कर प्रदेश से सुदूर रेगिस्तानी और आदिवासी अंचलों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा। राजस्थान में पीने के पानी की विकट समस्या को देखते हुए स्कूलों में पानी के टैंकों का निर्माण भी कराया जाएगा। उन्होंने आशा जताई कि राजस्थान शिक्षा के क्षेत्र में भी आने वाले वर्षो में और अधिक अच्छा काम करेगा।
सिब्बल ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत राजस्थान के लिए 1.14 लाख शिक्षकों की भर्ती करने के संबंध में दी गई मंजूरी की चर्चा करते हुए बताया कि राज्य सरकार को सर्वप्रथम भर्ती के वर्तमान 'बैकलॉग' को पूरा करना चाहिए।
इसी प्रकार राज्य में गैर आयोजना मद में खाली पड़े शिक्षकों के रिक्त पदों को तत्काल भरने की कार्यवाही तेज करनी होगी। इसके अलावा राजस्थान के जिन विद्यालयों में एकल शिक्षक प्रणाली है, उन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाकर कम से कम दो शिक्षक प्रणाली लागू की जाए।
बैठक में शिक्षामंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल ने बताया कि राजस्थान के सरकारी स्कूलों के लिए वर्तमान में 3.08 लाख से भी अधिक शिक्षकों के पद स्वीकृत हैं। इनमें से 2.19 लाख से अधिक पद भरे हुए हैं। प्रदेश के 2.17 लाख से अधिक शिक्षक एन.सी.टी.ई. के मापदंडों के अनुरूप प्रशिक्षित हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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