दो मासूमों की हत्या मामले में नए सिरे से होगी जांच
बीते मंगलवार को सहारनपुर शहर की नूरबस्ती में रहने वाले मजदूर व रिक्शा चालक इरशाद की पत्नी इमराना व दो बच्चों सानिया (3 वर्ष) व शादाब (ढाई माह) का जहर के सेवन से पीड़ित होने पर पड़ोसियों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था।
उपचार के दौरान दोनों बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि इमराना ने अस्पताल में यह आरोप लगाकर जीडी में बयान दर्ज कराया था कि उसकी वृद्ध सास शन्नो (65 वर्ष) ने अपने पोते व पोती तथा उसे स्वयं दूध में जहर मिलाकर दी थी, जिसमें दोनों बच्चों की मौत हो गई।
उसका आरोप था कि वह गरीब घर में ब्याही है। सास उसे उसके पति से अलग कर उसका दूसरा निकाह कराना चाहती है। जबकि इमराना के पिता बुद्ध का कहना है कि शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। ऐसा ही आरोप उसकी बहन इमराना और आमना का भी था। इस बयान के बाद पुलिस ने वृद्ध सास शन्नों व उसके पति तथा अन्य परिजनों के विरुद्ध धारा 302 का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
पुलिस इस मामले की तफ्तीश कर ही रही थी कि उसे इस बस्ती के मुहल्ले के लोगों ने बहू इमराना की इस मामले में भूमिका संदिग्ध होने के प्रमाण दिए। अब पुलिस सास व बहू में से दो मासूम बच्चों का कातिल किसे ठहराये। इसके लिए नए सिरे से जांच में जुटी है।
सहारनपुर के एसएसपी अमित चन्द्रा ने आईएएनएस को बताया कि वृद्ध महिला पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही नहीं लगते। अब जीडी में दर्ज इमराना के बयान के भी कोई मायने नहीं है। उसकी जान बच गई है।
इस संबंध में अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही पुलिस इमराना से पूछताछ करेगी तथा नए सिरे से मामले की जांच करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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