नक्सल प्रभावित इलाके के लिए शिक्षा पैकेज की मांग
शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सली हिंसा से बुरी तरह प्रभावित जिलों में शिक्षा व्यवस्था के बारे में केंद्र सरकार को लिखित रूप से अवगत करा दिया है। मुख्य तौर पर सबसे ज्यादा प्रभावित छह जिलों में शिक्षा प्रणाली को फिर से पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष पैकेज की मांग की है।"
छत्तीसगढ़ के शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने गुरुवार को मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल को एक पत्र भेजा और पश्चिमी राजनंदगांव जिले के अलावा बस्तर क्षेत्र के पांच जिलों के लिए विशेष पैकेज की मांग की है।
बस्तर क्षेत्र में दंतेवाड़ा, बीजापुर, नरायरणपुर, बस्तर और कांकेर जिले आते हैं। पुलिस का कहना है कि वर्ष 2005 से इस क्षेत्र में अनुमानत: 450-500 गांवों में करीब 1,750 लोग नक्सल हिंसा में अपनी जान गंवा चुके हैं और इन क्षेत्रों में सरकार की मौजूदगी ही नहीं है। बस्तर के 40,000 वर्ग किलोमीटर घंने जंगलों में नक्सलियों ने बारुदी सुरंग लगा रखा है।
अधिकारी ने बताया, "अग्रवाल ने सिब्बल को बताया कि नक्सलियों ने बड़ी संख्या में स्कूलों को बम से उड़ा दिया है और शिक्षक जान जाने के भय से विद्यालय जाना नहीं चाहते। हिंसा जारी है, ऐसे में नए विद्यालय भवनों का निर्माण कराना यहां कठिन काम है।"
अग्रवाल ने सिब्बल से यह भी कहा है कि शिक्षा प्रणाली को फिर से पटरी पर लाने के लिए छत्तीसगढ़ को विशेष पैकेज की जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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