देश के बड़े इस्पात उत्पादक राज्यों में शुमार होगा कर्नाटक
बेंगलुरु पैलेस में दो दिनों तक चले 'वैश्विक निवेशक सम्मेलन' के दौरान लगभग चार लाख करोड़ रुपए के निवेश संबंधी 353 'समझौता ज्ञापनों' पर हस्ताक्षर हुए। इनमें से 38 प्रस्ताव तो सिर्फ लौह और इस्पात क्षेत्र के थे। इस क्षेत्र में 2,21,344 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी। इस क्षेत्र में 20 फीसदी विदेशी जबकि 80 फीसदी देशी कंपनियों ने निवेश किया।
इस्पात के क्षेत्र में निवेश करने वालों में आर्सेलर मित्तल लिमिटेड, ब्राह्मणी इंडस्ट्रीज कर्नाटक लिमिटेड, पोस्को और सूर्या विजयनगर इस्पात व ऊर्जा कंपनी अग्रणी रही। आर्सेलर मित्तल ने 30,000 करोड़ रुपए, ब्राह्मणी ने 36,000 करोड़ रुपए, पोस्को ने 32,336 करोड़ रुपए और सूर्या ने 24,000 करोड़ रुपए के समझौता पन्नों पर हस्ताक्षर किए।
वैश्विक निवेशक सम्मेलन में आए निवेश से उत्साहित राज्य के मुख्यमंत्री वी.एस. येदियुरप्पा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "हमें उम्मीद नहीं थी कि इतना भारी निवेश आएगा। निवेशकों की इच्छा को देखते हुए हम उनके अनुकूल माहौल तैयार करेंगे।"
उन्होंने कहा, "अभी भी मेरे पास देश और विदेश से लोगों के फोन आ रहे हैं। सभी राज्य में निवेश करने को इच्छुक हैं।"
उन्होंने बताया कि निवेशकों ने कर्नाटक पर इतना भरोसा जताया इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले एक सप्ताह के भीतर 78,400 करोड़ रुपए के निवेश के 56 प्रस्ताव आए। इन प्रस्तावों को हम जल्द ही मंजूरी देंगे। मैं खुद हर तीन महीने पर निवेश संबंधी प्रस्तावों की समीक्षा करूंगा।
इस्पात के अलावा सीमेंट के क्षेत्र में 36,991 करोड़ रुपये, खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 1121 करोड़ रुपये, थर्मल पावर के क्षेत्र में 25,240 करोड़ रुपये, नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 1266 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य के क्षेत्र में 1249 करोड़ रुपये और आईटी क्षेत्र में 3818 करोड़ रुपये के निवेश संबंधी समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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