भाजपा, झामुमो ने राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की निंदा की
झामुमो की केंद्रीय समिति के सदस्य सुप्रियो भट्टाचार्य ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "झारखण्ड में राष्ट्रपति शासन लागू करना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। हमारी पार्टी राज्य में लोकप्रिय सरकार के गठन का प्रयास करेगी।"
भाजपा महासचिव व पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा, "लोकतंत्र में राष्ट्रपति शासन ही विकल्प नहीं है। भाजपा राज्य की राजनीतिक स्थितियों पर नजर रखे हुए है। राष्ट्रपति शासन के दौरान होने वाली गतिविधियों की हम निगरानी करेंगे।"
बहरहाल, कांग्रेस ने राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने को उचित ठहराया है। प्रदेश कांग्रेस महासचिव शैलेश सिन्हा ने आईएएनएस को बताया, "राष्ट्रपति शासन लागू करने के अलावा केंद्र सरकार के पर कोई विकल्प नहीं बचा था। राज्यपाल ने सभी राजनीतिक दलों से बातचीत कर सरकार गठन की संभावनाएं टटोली लेकिन किसी भी दल ने सरकार गठन की इच्छा नहीं जताई। लोकप्रिय सरकार के गठन की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए क्योंकि विधानसभा निलंबित अवस्था में है।"
ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) ने प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू होने के लिए कांग्रेस और भाजपा दोनों को जिम्मेदार ठहराया है। आजसू के विधायक उमाकांत रजक ने कहा, "राष्ट्रपति शासन के लिए कांग्रेस और भाजपा बराबर की जिम्मेदार है।"
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार सुबह हुई राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का फैसला किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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