झारखण्ड में राजनीतिक संकट जारी, राज्यपाल नेताओं से मिले
चिदंबरम ने यहां संवाददाताओं को बताया, "झारखण्ड के राज्यपाल ने मुझे बताया है कि वह वैकल्पिक सरकार के गठन के लिए राज्य के राजनीतिक दलों को आमंत्रित कर रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि राज्यपाल उन्हें शाम तक जानकारी देंगे।
इस बीच रांची में झारखण्ड के राज्यपाल ने राज्य में वैकल्पिक सरकार के गठन के लिए सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के नेताओं को विचार-विमर्श के लिए बुलवाया।
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रघुवर दास ने आईएएनएस को रांची में बताया, "राज्य में वैकल्पिक सरकार के गठन के लिए हमारी पार्टी का रुख जानने के लिए राज्यपाल ने हमें सोमवार को बुलवाया था। हमने उनसे समय मांगा है क्योंकि इस मुद्दे पर फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व लेगा।"
भाजपा नेताओं की बैठक के फौरन बाद कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने भी राज्यपाल से भेंट की।
लेकिन दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट कहा कि उनकी पार्टी झारखण्ड में सरकार बनाने का प्रयाय नहीं कर रही है और स्थिति पर नजर रखे हुए है।
कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष प्रदीप बालमुचु ने संवाददाताओं को रांची में बताया, "हमें सरकार बनाने की कोई जल्दी नहीं है। हम स्थायित्व सुनिश्चित होने पर ही वैकल्पिक सरकार का गठन करेंगे।"
झारखण्ड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी सोमवार को राज्यपाल से भेंट की।
इससे पहले रविवार शाम को सोरेन ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया था। उन्हें सोमवार को 81 सदस्यीय सदन में अपना बहुमत सिद्ध करना था। सूत्रों ने बताया कि झामुमो के 18 में से आठ विधायकों ने विश्वास मत का सामना करने से इंकार कर दिया था।
पिछले महीने लोकसभा में शिबू सोरेन ने बतौर लोकसभा सांसद भाजपा के कटौती प्रस्ताव के खिलाफ मतदान किया था। इससे नाराज होकर भाजपा ने झारखण्ड में सारेने सरकार से समर्थन वापिस लेने की घोषणा की थी। इसके बाद से झारखण्ड में राजनीतिक संकट जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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