परमाणु समझौता खारिज होने पर कोई बातचीत नहीं : अहमदीनेजाद
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार अहमदीनेजाद ने टेलीविजन पर दिए एक वक्तव्य में कहा, "यदि उन्होंने समझौते को खारिज किया और नया राजनीतिक खेल खेलना शुरू किया तो उन्हें यह बात भी समझ लेनी चाहिए कि बातचीत और आपसी समझौते का दरवाजा बंद हो जाएगा।"
अहमदीनेजाद पिछले सप्ताह तुर्की और ब्राजील के साथ हुए समझौते का जिक्र कर रहे थे। इस समझौते के तहत ईरान का अल्प संवर्धित यूरेनियम तुर्की जाना है और उसके बदले मध्यम दर्जे का संवर्धित यूरेनियम ईंधन के रूप में तेहरान के चिकित्सा शोध केंद्र आना है।
यह समझौता अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी द्वारा अक्टूृबर में दिए गए एक प्रस्ताव पर आधारित है, जिसके तहत ईरानी यूरेनियम को रूस में संवर्धित किया जाना था और फ्रांस में उसे ईंधन में बदला जाना था। लेकिन यह समझौता उस समय टूट गया, जब ईरान ने कहा कि यूरेनियम ईंधन की सफाई उसकी धरती पर होनी चाहिए।
ब्राजील और तुर्की ने ईधन को तुर्की में जमा करने का समझौता किया। इस पर पश्चिमी शक्तियों ने शुरू में आशंका जताई और कहा कि ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नए प्रस्ताव व प्रतिबंधों से बचने के लिए इस व्यवस्था पर राजी हुआ है।
अहमदीनेजाद ने कहा, "हम अपने राजनीतिक और आर्थिक मामले में किसी भी देश को हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देंगे। यह समझौता इस मुद्दे को सुलझाने का अंतिम मौका है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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