मंत्रियों का समूह लेगा पेट्रोल कीमत वृद्धि का फैसला
देवड़ा ने संवाददाताओं से कहा, "पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय सरकारी तेल कंपनियों को होने वाले घाटे को पूरा करने के लिए एक फार्मूला तय करने पर कार्य कर रहा है।"
देवड़ा यहां अपने मंत्रालय की संसदीय परामर्श समिति की बैठक में हिस्सा लेने आए थे।
उन्होंने कहा कि सरकार उपभोक्ताओं और समाज के कमजोर तबकों तथा तेल कंपनियों के हितों के बारे में एक संतुलित दृष्टिकोण रखेगी।
मंत्रालय के अधिकारियों ने अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए पेट्रोल और डीजल के दाम में वृद्धि का संकेत दिया है।
पेट्रोलियम सचिव एस.सुंदरेशन ने कहा, "अब कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतें 85 डॉलर प्रति बैरल हैं। इस कीमत पर सरकारी कंपनियों को 100,000 करोड़ रुपये के घाटे का सामना करना होगा।"
देवड़ा ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतें वर्ष 2003-04 से बढ़ना शुरू हुईं और वर्ष 2008 में 142 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गईं।
उन्होंने कहा कि सरकार ने लोगों पर महंगाई का बोझ नहीं बढ़ाने के लिए ईंधन की कीमतों में वृद्धि नहीं की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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