प्रसूति छुट्टी बढ़ाने पर नौकरी गंवाई, महिला अदालत पहुंची

राजीव रंजन द्विवेदी

नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) में 20 साल से ज्यादा समय तक काम करने वाली नवनीत कुमारी को प्रसूति छुट्टी बढ़ाने के कारण अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा। इस फैसले के खिलाफ उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।

नवनीत ने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, "वर्ष 1987 से मैं एक एनजीओ देल्ही काउंसिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर (डीसीसीडब्ल्यू) के साथ काम कर रही थी। मैंने 30 दिसंबर 2008 से 28 फरवरी 2009 तक के लिए प्रसूति अवकाश लिया था। मैंने सेंट स्टीफन अस्पताल में 31 दिसंबर 2008 को एक बेटे को जन्म दिया। जब मैंने अपनी छुट्टी एक महीने और बढ़ाने के लिए आवेदन दिया तो मेरी सेवाएं समाप्त कर दी गईं।"

वह बताती हैं कि 13 अप्रैल 2009 को उन्हें एनजीओ की तरफ से एक पत्र मिला। इस पत्र पर एनजीओ की अध्यक्ष नीना माकेडो का हस्ताक्षर था और इसमें लिखा था, "आपकी अनुपस्थिति संस्था के कामकाज के लिए हानिकारक है। यह सूचना देते हुए हमें दुख है कि हम किसी भी कर्मचारी को तीन महीने का प्रसूति अवकाश नहीं दे सकते। हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। आपकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की जा रही हैं।"

नवनीत ने कहा, "पत्र पाकर मैं हैरान रह गई। मैंने अध्यक्ष से मेरी सेवाएं समाप्त नहीं करने का अनुरोध किया और कहा कि मैं जल्द ही काम पर लौटने की कोशिश करूंगी।"

नवनीत के वकील प्रदीप गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पिछले साल तीस हजारी न्यायालय की शरण ली।

न्यायालय ने एनजीओ को इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई सात जुलाई को होगी।

नवनीत का कहना है कि वह तब तक अपने हक के लिए लड़ेंगी जब तक उन्हें न्याय नहीं मिल जाता।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+