मैंगलोर विमान हादसे में 158 मौतों की पुष्टि

विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक एयर इंडिया की उड़ान संख्या 812 दुबई से मैंगलोर आते वक्त सुबह 6.05 बजे मैंगलोर हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान के उतरते वक्त दृश्यता छह किलोमीटर तक थी, हवा शांत थी और बारिश नहीं हो रही थी। विमान को जहां उतरना था वह उससे कुछ आगे उतरा और रनवे क्षेत्र से आगे निकल गया तथा एक गड्ढे में जा गिरा।
जान बचाने में कामयाब हुआ फारुख
बयान में कहा गया कि इस रनवे की लम्बाई 2450 मीटर है और यहां 90 मीटर रनवे सुरक्षा क्षेत्र (रनवे इंड सेफ्टी एरिया) है। विमानचालक की ओर से किसी भी तरह की परेशानी होने की कोई सूचना नहीं दी गई थी। हादसे में उमर फारूक नाम का एक शख्स जैसे-तैसे दुर्घटनाग्रस्त विमान से बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में कामयाब रहा।
हादसे के बाद उनके एक संबंधी ने समाचार चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा, "उमर ने हमें बताया कि जब विमान उतर रहा था तभी उसके अगला चक्का फट गया और वह रनवे से बाहर निकल गया। इसके तत्काल बाद उसमें आग लग गई। विमान में दरार पड़ गई और वह उसी के जरिए बाहर निकलने में कामयाब रहा।" उन्होंने बताया कि फारूक के साथ दो-तीन और लोग वहां से कूदे थे लेकिन वह बच पाए या नहीं, यह पता नहीं है।
फारूक के सिर और चेहरे का अधिकांश हिस्सा जल गया है। उन्होंने यह भी बताया कि चालक दल ने उतरने से पूर्व यात्रियों को आगाह भी नहीं किया था। यहां तक कि उन्हें सीट बेल्ट बांधने की सूचना तक नहीं दी गई।
अच्युतानंदन, बालाकृष्णन मैंगलोर पहुंचे
केरल के मुख्यमंत्री वी. एस. अच्युतानंदन और गृह मंत्री कोडियारी बालाकृष्णन मैंगलोर पहुंच चुके हैं। मैंगलोर कर्नाटक और केरल की सीमा पर है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने हादसे के लगभग तीन घंटे बाद बेंगलुरू में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "बहुत कम लोग बच पाए हैं।"
उन्होंने कहा, "कुछेक यात्रियों को छोड़कर शेष किसी को बचाया नहीं जा सका। यह बहुत बड़ा हादसा है।" मुख्यमंत्री इसके बाद दुर्घटना स्थल के लिए रवाना हो गए। एयर इंडिया के निदेशक अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि आठ यात्रियों को बचा लिया गया है जबकि दो यात्रियों का अब तक कुछ भी पता नहीं चल पाया है। घायलों में कुछ की हालत बहुत गंभीर है। उन्होंने कहा, "मैंगलोर हवाई अड्डे को फिलहाल बंद कर दिया गया है। सभी विमान अब कालीकट से संचालित होंगे।"
श्रीवास्तव ने दुर्घटना के कारणों के बारे में विस्तार से बताने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह जांच का विषय है। अधिकारियों के मुताबिक राहत व बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। आग लगने के कारण उठ रहे धुएं से राहत कार्य में बाधा पहुंच रही है। अग्निशमन विभाग की तकरीबन 20 गाड़ियां और 25 एम्बुलेंस बचाव कार्य में लगे हुए हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, "प्रधानमंत्री ने हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रफुल्ल पटेल से बात की और उनसे दुर्घटनास्थल पर चल रहे राहत व बचाव कार्य के बारे में जानकारी ली।" उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने प्रभावितों को हरसंभव मदद का आश्वासन भी दिया।"












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