'लैला' के कारण 4,000 लोगों को हटाया गया
जिला अधिकारी वी. के. पांडियन ने बताया, "रामिया, पटना और पोदामपेटा गांवों को खाली कराकर वहां के करीब 4,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।" यहां सैकड़ों राहत एवं बचाव कर्मियों ने आपदा से निपटने का अभ्यास किया। बंगाल की खाड़ी के ऊपर उठे चक्रवाती तूफान से राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की आशंका है।
राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों को सतर्क कर दिया है हालांकि तटीय जिलों में ही चक्रवात का मुख्य असर पड़ने की संभावना है। ऐसा माना जा रहा है कि तटीय जिले चक्रवात से प्रभावित हो सकते हैं। गजपति और गंजम जैसे जिलों में बाढ़ का असर दिख सकता है। इसके अलावा चिल्का लागून में तूफान आ सकता है।
चिल्का झील भुवनेश्वर से करीब 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और पुरी, खुर्दा और गंजम जिलों में फैला है। चक्रवाती तूफान लैला गुरुवार दोपहर गुंटूर जिले में बापाटला के निकट आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया। जानकारों का कहना है कि राज्य के उत्तरी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
साथ ही गुरुवार शाम से उड़ीसा के तट पर 50 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। प्रशासन ने मछुआरों को चेतावनी जारी की है कि वे समुद्र में न जाएं।













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