आंध्र के तट पर कमजोर पड़ी लैला
बहरहाल, तेज हवाओं और मूसलाधार वर्षा के कहर से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। अब तक 10 लोगों की इसमें मौत हो चुकी है। मौसम विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि गुरुवार दोपहर यह तूफान आंध्र प्रदेश के दक्षिण तटीय शहर मछलीपट्टनम से सटे कवाली और काकीनाडा के बीच से गुजरेगा। अधिकारियों ने इससे भारी तबाही होने की संभावना से इंकार किया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने ताजा बुलेटिन में कहा, "तेज हवाओं और इसके जमीन से टकराने के कारण लैला के कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं।" चक्रवाती तूफान नेल्लोर से 120 किलोमीटर उत्तर-पूर्व, ओंगोल से 100 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व और मछलीपट्टनम से 120 किलोमीटर दक्षिण केंद्रित है। इसके उत्तर-पश्चिम से उत्तरी दिशा में बढ़ने और कावेली और काकीनाडा के बीच आंध्र प्रदेश तट को पार करने का अनुमान है।
आईएमडी के मुताबिक अगले 36 घंटों में आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में तेज हवाएं और भारी बारिश हो सकती है। अनुमान है कि लगभग 25 सेंटीमीटर या उससे अधिक बारिश होगी। इस दौरान तटीय इलाकों में 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है। इस बीच तटीय इलाकों में भारी बारिश का कहर जारी है। कृष्णा जिले में मछलीपट्टम शहर का अधिकांश हिस्सा जलमग्न हो गया है। लैला से 200 से अधिक गांवों के प्रभावित होने के आसार जताए गए हैं।
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भारी बारिश से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 25 से अधिक मछुवारे लापता बताए जा रहे हैं। अब तक हुई बारिश से आम और केले की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। लैला के कहर से इन फसलों को और भी नुकसान पहुंचने के आसार हैं।













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