गोलीबारी में 2 सैनिकों के मारे जाने की सैन्य जांच
मेंढर के नांगी टिकरी में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के नजदीक एक पहाड़ी सड़क पर हुए हमले में दोनों सैनिकों की तत्काल मौत हो गई थी।
गोलीबारी में तीन अन्य सैनिक घायल भी हुए थे। एलओसी जम्मू एवं कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच विभाजित करती है।
सैन्य अधिकारी, जो इस बात पर आश्वस्त हैं कि गोलीबारी पाकिस्तान की तरफ से हुई है, उन्होंने कहा कि बुधवार को सीमा पर शांति रही।
सेना के एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया, "वाहन पर हमले का जो तरीका अपनाया गया वह पेशेवरों और प्रशिक्षित व्यक्तियों का काम प्रतीत होता है। इस मामले में पाकिस्तानी सेना की भूमिका का पता लगाया जा रहा है।"
पाकिस्तानी सेना ने इसी सेक्टर में एक मई और छह मई को भी गोलीबारी की थी। पहली घटना में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान घायल हो गया था।
जम्मू में रक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय सेना ने गुरुवार को जवाबी कार्रवाई नहीं की थी। इसके बाद एलओसी के पार से गोलीबारी की कोई घटना नहीं हुई।
भारत की तरफ से ऐसे हमले का जवाब देने की तैयारी की जा रही है।
सूत्रों का कहना है कि भारत इस घटना को दरकिनार कर रहा था क्योंकि वह नहीं चाहता था कि इससे भारत और पाकिस्तान वार्ता पर असर पड़े।
गृह मंत्री पी. चिदंबरम के जून में इस्लामाबाद जाने की संभावना है। इसी तरह अपने समकक्ष से मिलने के लिए विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा 15 जुलाई को पाकिस्तान जाएंगे।
भारतीय सेना ने 646 किलोमीटर लंबी नियंत्रण रेखा पर चौकसी बढ़ा दी है। इस बात की आशंका बनी हुई है कि सीमा पार से जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवादियों की घुसपैठ कराने का प्रयास आगे भी किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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