मणिपुर में दूसरे दिन भी तनाव जारी
गुरुवार को नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (एनएससीएन)के महासचिव मुइवा के स्वागत के लिए मणिपुर और नागालैंड की सीमा के नजदीक माओ शहर में 5,000 से अधिक प्रदर्शनकारी एकत्र हुए थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष में तीन छात्रों की मौत हो गई जबिक 70 अन्य घायल हुए थे।
मुइवा को उनके जन्म स्थल उखरुल जिले में जाने से रोक दिया गया है। उखरुल माओ से करीब 220 किलोमीटर दूर है।
प्रशासन ने माओ इलाके में भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को लगाया है। वहीं मुइवा अपने गृह नगर जाने को लेकर अड़े हुए हैं।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया,"स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई। किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में सुरक्षाबलों को लगाया गया है।"
गुरुवार को पुलिस फायरिंग में तीन छात्रों की मौत हो गई थी। मृतकों में लोशुआ और चाखो स्नातक के छात्र थे जबकि लोखो स्नातकोत्तर का छात्र था।
मुइवा ने पत्रकारों से कहा,"हम अपने गृहनगर का दौरा जरूर करेंगे।"
गौरतलब है कि मणिपुर सरकार ने मुइवा के गृहनगर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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