26/11 हमलों के आरोपी कसाब को फांसी की सजा (लीड-2)

विशेष अदालत के न्यायाधीश एम. एल. ताहिलयानी ने यह फैसला सुनाते हुए कहा, "मौत तक उसे फांसी पर लटकाया जाए।"

उन्होंने कहा कि यदि कसाब को जीवित छोड़ा जाएगा तो आम आदमी का अदालत से भरोसा उठ जाएगा। उसे जीने का अधिकार नहीं है। "मौत की सजा आवश्यक है।"

अदालत के इस फैसले की जानकारी देते हुए अभियोजन पक्ष के विशेष वकील उज्जवल निकम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि कसाब को चार मामलों में दोषी पाए जाने के लिए फांसी की सजा सुनाई गई है। इसमें देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने का मामला भी शामिल है। पांच अन्य मामलों में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।

कसाब को मौत की सजा के एलान के बाद निकम बेहद खुश थे। उनकी इस खुशी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब वह कैमरों के समक्ष पहुंचें तो अपनी विजयी मुस्कान नहीं छिपा सके और 'विक्टरी' के संकतों से उन्होंने इसका प्रदर्शन भी किया।

निकम ने कहा, "फैसले से मैं बहुत खुश हूं क्योंकि पीड़ितों के घाव भरने की मेरी कोशिश सफल हुई है। परिवारों के आंसू पोंछने का काम हमारी पुलिस और अभियोजक एजेंसियों ने किया है।"

उन्होंने कहा, "यह मामला हमारे लिए बहुत बड़ी चुनौती थी। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में हमने गरिमामय तरीके से यह मुकदमा चलाया और दुनिया के समक्ष एक मिसाल खड़ी की।"

उल्लेखनीय है कि कसाब की सजा को लेकर गत मंगलवार को अदालत में जिरह हुई थी, जिसमें निकम ने कसाब को 'शैतान' और 'हत्या की मशीन' करार देते हुए कहा था कि वह मृत्युदंड का पात्र है।

निकम ने कहा था, "मैं कसाब के लिए सजा-ए-मौत चाहूंगा। यह बदले की भावना नहीं है और न ही हम बर्बर न्याय चाहते हैं.. बल्कि न्याय मिलना चाहिए।"

इससे पहले, कसाब को गत सोमवार को आर्थर रोड जेल में बनी विशेष अदालत में दोषी ठहराया गया था जबकि दो अन्य आरोपियों फहीम और सबाउद्दीन को संदेह का लाभ देते हुए निर्दोष करार दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर, 2008 की रात पाकिस्तान से आए 10 आतंकवादियों ने मुंबई के विभिन्न स्थानों पर हमला बोला था। लगभग 60 घंटे तक इन आतंकवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच चले संघर्ष में 166 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 244 घायल हो गए थे।

इन 10 आतंकवादियों में से नौ को मार गिराया गया था जबकि कसाब को जिंदा पकड़ने में सुरक्षाबलों को सफलता मिली थी। इन आतंकवादियों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्थित वर्ल्ड हैरिटेज बिल्डिंग, ताजमहल पैलेस, टॉवर होटल, होटल ओबेरॉय ट्राइडेंट, कामा हॉस्पिटल और नरीमन हाउस को निशाना बनाया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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