कहावतों में कितना ज्ञान?

मिर्ज़ा एबी बेग
बीबीसी हिंदी डॉट कॉम के लिए, दिल्ली से
मुहावरे, कहावते, जनोक्तियां, या मसल, ये सारी चीज़ीं किसी भाषा और संस्कृति की पहचान होती हैं और इनमें अत्यंत ज्ञान भरा होता है.
अरबी भाषा में एक कहावत है अल-मिस्ल फ़िल कलाम कल-मिल्ह फ़ित-तआम यानी बातों में कहावतों या मुहावरों और उक्तियों की उतनी ही ज़रूरत है जितनी कि खाने में नमक की.
हम अपनी बात में वज़न पैदा करने के लिए इन चीज़ों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन उर्दू, फ़ार्सी और अरबी भाषा में कहावतों की जगह आम तौर पर शेर ने ले ली है और लोग बात-बात में इसका प्रयोग कर अपने ज्ञान और भाषा का रौब जमाते रहते हैं.
यहां मैं अरबी, फ़ारसी या उर्दू की कहावतों या मुहावरों की बात नहीं कर रहा हूँ बल्कि अंग्रेज़ी के कुछ प्रॉवर्ब (proverb) की बात करनी है.
तो आई देखते हैं कुछ ऐसे प्रॉवर्ब जो हमारे अपनी भाषा में भी मिलते हैं.
A bad workman quarrels with his tools नाच न जाने आंगन टेढ़ा
All that glitters is not gold हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती
Barking dogs seldom bite जो गरजते हैं वो बरसते नहीं
Fortune favours braves हिम्मते मरदाँ मददे-ख़ुदा
Too many cooks spoil the broth तीन मुल्ला में मुर्ग़ी हराम या बहुतो जोगी मठ उजाड़
From the frying pan into the fire आसमान से गिरे खजूर में अटके
Empty vessels sound much जो ज़र्फ़ कि ख़ाली है सदा देता
As you sow so shall you reap जैसी करनी वैसी भरनी
Old habbits die hard बंदर कभी गुलाटी मारना नहीं भूलता
Make castles in air हवाई क़िले बनाना
A prophet is never acclaimed at home घर की मुरग़ी दाल बराबर, या घर का जोगी जोगना, आन गाँव का सिद्ध
It is hard to live in Rome and strive against the Pope जल में रह कर मगर से बैर
Might is right जिसकी लाठी उसकी भैंस
to add insult to injury जले पर नमक छिड़कना
ये सूची तो काफ़ी लंबी है इसलिए अब और जले पर नमक छिड़कने की कोशिश नहीं होगी वैसे आप ये तो जानते ही हैं---
All is well that ends well अंत भला तो सब भला












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