26/11 के लिए कसाब दोषी, भारतीय आरोपी बरी (राउंडअप)

विशेष अदालत के न्यायधीश एम. एल. ताहिलयानी ने आर्थर रोड जेल में बनी विशेष अदालत में 1,522 पेज के अपने फैसले को पढ़ने में करीब तीन घंटे का समय लगाया। अपने फैसले में उन्होंने 23 वर्षीय कसाब को दोषी ठहराया और फहीम और सबाउद्दीन को संदेह का लाभ देते हुए निर्दोष करा दिया गया। इन दोनों पर मुंबई हमले में पाकिस्तानी आतंकवादियों की मदद करने का आरोप था। ये दोनों भारतीय नागरिक है।

कसाब को छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर दोषी ठहराया गया, जिसमें वह एक एके-47 राइफल और पीठ पर बैग लादे दिख रहा था। अभियोजन पक्ष ने कसाब के खिलाफ 653 गवाह पेश किए थे।

कसाब को मौत की सजा सुनाई जा सकती है। उसे सजा सुनाने की कार्रवाई मंगलवार को होगी।

फैसले के बाद सरकारी वकील उज्ज्वल निकम ने संवाददाताओं को बताया, "अदालत ने कसाब को सभी मामलों में दोषी करार दिया है। इस फैसले के बाद कसाब के रूप में आतंकवाद का नया चेहरा सामने आ गया है।"

निकम ने कहा, "मैं इस फैसले से खुश हूं लेकिन इस बात का दुख है कि फहीम अंसारी और सबाउद्दीन को बरी कर दिया गया। उन्हें संदेह के आधार पर निर्दोष बताया गया है। निश्चित तौर इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी।"

इस बारे में नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि 26/11 के आतंकवादी हमले पर आया फैसला पाकिस्तान के लिए एक संदेश है कि वह भारत के खिलाफ सीमापार आतंकवाद को रोके।

चिदंबरम ने संवाददाताओं से कहा, "फैसला अपने आप में पाकिस्तान के लिए संदेश है कि उसे भारत में आतंकवाद का निर्यात नहीं करना चाहिए। यदि उन्होंने ऐसा किया और आतंकवादी पकड़े गए तो हम उनको उदाहरणीय दंड देंगे।"

मंत्री ने कहा कि सरकार मुकदमे के तेज निपटारे से संतुष्ट है, जो 15 अप्रैल 2009 को आरंभ होकर इस वर्ष 31 मार्च को खत्म हो गया।

चिदंबरम ने पाकिस्तानी आतंकवादी के खिलाफ फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि अजमल आमिर कसाब के मुकदमे ने दिखाया कि भारत एक ऐसा देश है जहां कानून का राज है।

उन्होंने कहा, "हम संतुष्ट हैं कि एक वर्ष के भीतर जटिल मुकदमे को निपटाया गया। कसाब के खिलाफ साक्ष्य जुटाने और उसे पेश करने के लिए मैं जांच एजेंसियों और अभियोजन को बधाई देता हूं,जिसके कारण उसे दोषी ठहराया गया।"

कसाब को दोषी ठहराने के साथ ही अदालत ने दो अन्य आरोपियों फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद को बरी कर दिया।

चिदंबरम ने कहा कि दो आरोपियों के बरी होने ने दिखा दिया कि भारतीय न्यायिक प्रक्रिया "स्वतंत्र और अखंड" है।

उन्होंने जोर दिया कि यह एक खुला मुकदमा था और कसाब को अपने बचाव का पूरा मौका दिया गया था।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर.आर. पाटील ने पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को दोषी ठहराए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि मुंबई पर आतंकवादी हमले ने 'हमारे गर्व को झकझोर दिया।'

पाटील ने संवाददाताओं से कहा, "मुंबई हमले ने हमारे गर्व को झकझोर दिया और हमने फैसला किया कि हम किसी को नहीं छोड़ेंगे। मैं फैसले का स्वागत करता हूं।"

कसाब को हत्याओं और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने सहित 86 मामलों में दोषी ठहराया गया जबकि दो भारतीय आरोपियों को बरी कर दिया गया।

फहीम अंसारी और सबाउद्दीन अहमद को बरी किए जाने पर पाटील ने कहा, "उन दोनों को संदेह का लाभ मिल गया।"

पाटील ने कहा कि अंतिम फैसले के बाद सरकार मामले पर उपयुक्त कदम उठाएगी।

इससे पहले विशेष सरकारी वकील निकम ने कहा कि वह सरकार को अंसारी और अहमद को बरी किए जाने को चुनौती देने की सिफारिश करेंगे क्योंकि दोनों कुख्यात आतंकवादी हैं।

उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर, 2008 की रात पाकिस्तान से आए 10 आतंकवादियों ने मुंबई के विभिन्न स्थानों पर हमला बोला था। लगभग 60 घंटे तक इन आतंकवादियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच चले संघर्ष में 166 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 244 घायल हो गए थे।

इन 10 आतंकवादियों में से नौ को मार गिराया गया था जबकि कसाब को जिंदा पकड़ने में सुरक्षाबलों को सफलता मिली थी। इन आतंकवादियों ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस स्थित वर्ल्ड हैरिटेज बिल्डिंग, ताजमहल पैलेस, टॉवर होटल, होटल ओबेरॉय ट्राइडेंट, कामा हॉस्पिटल और नरीमन हाउस को निशाना बनाया था।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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