'वाल्मीकी व्याघ्र परियोजना' में घट रही है बाघों की संख्या
पश्चिम चंपारण जिले में वाल्मीकी व्याघ्र परियोजना 880 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वर्ष 1990 में इस क्षेत्र में 63 बाघ पाए गए थे, जबकि वर्ष 1997 में हुई बाघों की गणना में यहां सिर्फ 53 बाघों के पाए जाने की पुष्टि हुई। वर्ष 2005 में हुई गणना में बाघों की संख्या घटकर 33 और 2006 की गणना में मात्र 13 बाघ ही यहां पाए गए थे।
वाल्मीकी व्याघ्र परियोजना में बाघों की गिनती कर रही संस्था 'वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया' के सहायक प्रबंधक समीर कुमार सिन्हा ने बताया कि बाघों की गिनती के लिए इस बार विशेष तरह के कैमरों का प्रयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह गणना का कार्य जून तक चलने वाला है।
उन्होंने बताया कि पूरे परियोजना क्षेत्र में 40 विशेष कैमरों का प्रयोग किया जा रहा है जो काफी संवेदनशील होते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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