कश्मीर में विरोध प्रदर्शन के दौरान 15 घायल (लीड-1)
श्रीनगर शहर के कुछ हिस्सों में शुक्रवार तड़के उस समय हिंसा भड़क उठी, जब भारत विरोधी नारे लगाते हुए भीड़ कई स्थानों पर सड़कों पर उतर आई, जबकि प्रशासन ने पुराने शहर के पूरे हिस्से में अघोषित कर्फ्यू लागू कर रखा था।
पुराने शहर के हिस्से में पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की भारी तैनाती की गई थी। वाहनों पर और पैदल यात्रियों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।
सीआरपीएफ के जवानों ने नौशेरा इलाके में स्थित एक मस्जिद से निकल रहे लोगों के एक समूह पर अपराह्न् में गोलीबारी शुरू कर दी, जिससे इलाके में तनाव पैदा हो गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि 49 वर्षीय मंजूर अहमद नामक एक व्यक्ति के पेट में गोली लग गई। आयुर्विज्ञान संस्थान में चिकित्सकों ने ऑपरेशन की और गोली बाहर निकाली।
पुलिस ने शहर के अन्य हिस्सों में भी पथराव कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। संघर्ष की स्थिति देर शाम तक बनी रही।
कश्मीर के बारामूला और सोपोर कस्बों से मिली खबरों के अनुसार पुलिस को पथराव कर रही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठी चार्ज करना पड़ा।
आजादी समर्थक जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चेयरमैन मुहम्मद यासीन मलिक को उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब वह दो स्थानीय नागरिकों के मृत्युदंड और एक अन्य स्थानीय नागरिक के आजीवन कारावास की सजा के विरोध में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे थे।
अलगाववादियों की ओर से आयोजित बंद की वजह से सरकारी दफ्तरों में उपस्थिति कम रही। घाटी के अन्य जिलों पुलवामा, अनंतनाग, शोपियां, कुलगाम, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, गांदेरबल और बारामूला में भी बंद का असर पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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