संसद में फिर उठा आईपीएल का तूफान (राउंडअप)
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। चार दिनों की शांति के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के तूफान ने शुक्रवार को फिर संसद के दोनों सदनों को अपनी गिरफ्त में ले लिया। विपक्ष ने देश में खेल को लेकर पैदा हुए अब तक के सबसे बड़े विवाद की संसदीय जांच कराए जाने की मांग की।
आईपीएल विवाद के कारण लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। लेकिन दोपहर भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही सामान्य रूप से संचालित हुई। राज्यसभा को भी दो बार स्थगित करना पड़ा।
इस बीच केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने लोकसभा में कहा कि आईपीएल के कामकाज की जांच संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से कराने की विपक्षी दलों की मांग पर सरकार विचार करेगी।
विपक्षी सांसदों के शोरगुल के बीच मुखर्जी ने कहा, "हमने सभी के सुझावों पर ध्यान दिया है और उन पर विचार किया जाएगा। सरकार सभी मांगों पर विचार करेगी। सदस्यों की चिंताओं से हम प्रधानमंत्री को अवगत कराएंगे।"
इस मामले को लेकर लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), वामपंथी दलों और अन्य दलों ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज ने आईपीएल में मैच फिक्सिंग, अवैध सट्टेबाजी, काले धन को सफेद करने और फ्रेंचाइजी को फायदा पहुंचाने के आरोपों की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति के गठन की मांग उठाई।
स्वराज ने आरोप लगाया कि इस घोटाले में शामिल कुछ नेताओं को बचाने के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार जांच कराने में देरी कर रही है।
जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने कहा कि आईपीएल लुटेरों का अड्डा है।
यादव ने सदन के नेता प्रणव मुखर्जी से कहा, "आपकी सरकार की नाक के नीचे मॉरीशस और स्विट्जरलैंड से हर तरह का पैसा आईपीएल में लगाया गया।"
किसी का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि इस मामले में दो मंत्रियों के नाम सामने आ रहे हैं।
संप्रग के मुख्य सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के दो प्रमुख नेताओं केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार और नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल की ओर इशारा करते हुए यादव ने कहा कि इस विवाद में दो मंत्रियों का भी नाम लिया जा रहा है।
आईपीएल की कोच्चि फ्रेंचाइजी से जुड़े विवाद में नाम आने के बाद पिछले सप्ताह शशि थरूर को विदेश राज्य मंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा था।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के नेता गुरुदास दास गुप्ता ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और यह साबित करना चाहिए कि वह किसी राजनीतिक हस्ती को बचाने का प्रयास नहीं कर रही है।
राज्यसभा में शून्य काल शुरू होते ही आईपीएल विवाद के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एस. एस. अहलूवालिया और राजीव प्रताप रूडी की अगुवाई में सांसद अपने स्थान पर खड़े गए।
हंगामे के बीच राज्यसभा के उपसभापति के. रहमान खान ने सदन में आधिकारिक दस्तावेजों को रखने को कहा। इसके अलावा उन्होंने संसदीय कार्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से अगले सप्ताह के कामकाज की सूची की भी मांग की लेकिन हंगामा जारी रहने पर उन्होंने सदन की कार्यवाही 2.30 तक के लिए स्थगित कर दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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