नक्सल निरोधी रणनीति पर पुनर्विचार नहीं : चिदंबरम
नई दिल्ली, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने शुक्रवार को साफ किया है कि सरकार नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान पर पुनर्विचार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि वामपंथी चरमवाद से निपटने के लिए विकास और पुलिस कार्रवाई दोनों जरूरी है।
चिदंबरम ने नक्सली समस्य पर गृह मंत्रालय की परामर्श समिति को संबोधित करते हुए कहा, "पहले विकास होना चाहिए या पहले पुलिस कार्रवाई होनी चाहिए, इस पर बहस करना गलत है।"
कांग्रेस के दिग्विजय सिंह सहित अपने आलोचकों पर हमला बोलते हुए चिदंबरम ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में विकास संबंधी गतिविधियों को शुरू करने और सुरक्षा अभियान शुरू करने का निर्णय परिस्थिति के अनुसार लिया जाएगा।
चिदंबरम ने कहा, "इसके लिए कोई निश्चित नुस्खा संभव नहीं है। कुछ इलाकों में यह संभव हो सकता है कि कुछ विकास संबंधी गतिविधियां चलाई जाएं और उसके बाद तत्काल सुरक्षा व्यवस्था चुस्त करने के लिए कदम उठाए जाएं। अन्य क्षेत्रों में नक्सलियों के कब्जे वाले इलाके को हासिल करने के लिए पहले पुलिस कार्रवाई आवश्यक हो सकती है और उसके बाद उन इलाकों में तेजी के साथ विकास कार्य किया जा सकता है।"
ज्ञात हो कि दिग्विजय सिंह ने पिछले सप्ताह चिदंबरम की नक्सल निरोधी नीति पर सवाल खड़ा किया था और उन पर 'बौद्धिक अहंकार' का आरोप लगाया था। सिंह ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित एक लेख में चिदंबरम से कहा था कि उन्हें नक्सलियों के साथ कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में निपटने से बाज आना चाहिए, क्योंकि इस समस्या को इन इलाकों में रहने वाले लोगों की उम्मीदों और भावनाओं की उपेक्षा कर नहीं सुलझाया जा सकता।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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