ज्वालामुखी की राख पहुंच सकती है अमेरिका
मास्को। आइसलैंड में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद उड़ने वाली राख अटलांटिक क्षेत्र को पार करके बुधवार तक उत्तरी अमेरिका पहुंच सकती है। ब्रिटेन के मौसम विज्ञानियों का कहना है कि कनाडा के लैब्राडोर प्रायद्वीप, न्यूफाउंडलैंड आइसलैंड और छोटे द्वीपों पर राख का असर दिखेगा।
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उल्लेखनीय है कि 14 अप्रैल को आइसलैंड में ज्वालामुखी विस्फोट के बाद उड़ने वाली राख के कारण पूरे यूरोप में हवाई यातायात पंगु हो गया था। इससे 20 से ज्यादा देशों को अपने हवाई क्षेत्र को बंद करना पड़ा जिससे हजारों यात्री फंसे रहे।
इस बीच यूरोप के हवाई यातायात में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है लेकिन हालात सामान्य होने में करीब एक सप्ताह का समय लगेगा।













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