जीएसएलवी डी 3 के प्रक्षेपण की तैयारी
यह रॉकेट अत्याधुनिक संचार उपग्रह भू-समकालिक प्रायोगिक उपग्रह (जीसैट-4)को कक्षा में स्थापित करेगा। इस प्रक्षेपण की उल्टी गिनती बुधवार को 11.27 बजे शुरू हुई थी। गुरुवार करीब 11.30 बजे इस रॉकेट में ईंधन भरा जाना था।
यह प्रक्षेपण यान इस उपग्रह को भू-हस्तांतरण कक्षा (जीटीओ) में ले जाएगा। 50 मीटर लंबे इस रॉकेट का वजन 416 टन है जिसमें 200 टन तरल प्रणोदक भरा हुआ है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अधिकारियों को विश्वास है कि यह प्रक्षेपण आसानी से हो जाएगा और सफल रहेगा।
क्रायोजनिक इंजन से अपेक्षित परिणाम मिलने की सूरत में भारत क्रायोजनिक प्रौद्योगिकी को डिजाइन और विकसित करने वाला दुनिया का छठा देश बन जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications