जरदारी के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में याचिका
अदालत में बुधवार को दायर अपनी याचिका में पाकिस्तानी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता जमीर अमहाद मलिक ने कहा है कि संविधान की धारा 248 के तहत राष्ट्रपति को केवल आपराधिक मामलों से छूट की सुविधा है, न कि घरेलू या अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार के मामलों से।
समाचार एजेंसी ऑनलाइन ने खबर दी है कि अमहाद ने अदालत से यह स्पष्ट करने की भी मांग की है कि क्या यह छूट संविधान के इस्लामिक प्रावधानों की तर्ज पर है या नहीं।
इस याचिका को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सरकार ने जरदारी के खिलाफ स्विस बैंक से संबंधित छह करोड़ डालर की आर्थिक धोखाधड़ी के मामले को फिर से शुरू कर दिया है। यह मामला तब शुरू किया गया है, जब सर्वोच्च न्यायालय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ माफी के उस प्रावधान को रद्द कर दिया है, जिसे पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने अक्टूबर 2007 में लागू किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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