मुंबई हमले के दोषियों पर कार्रवाई करे पाकिस्तान : ओबामा (लीड-4)

वाशिंगटन, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान को कहा है कि वह मुंबई हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे, क्योंकि यह एक सकारात्मक स्थिति होगी। इसके कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने ओबामा से अपनी चिंताएं जाहिर की थी। सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान मुंबई हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहता।

मनमोहन सिंह से मुलाकात के बाद ओबामा ने रविवार को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से कहा कि भारतीय नेता इस्लामाबाद के साथ संबंधों को सुधारने को लेकर गंभीर हैं। लेकिन वह चाहते हैं कि पाकिस्तान मुंबई हमले के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करे।

राजनयिक सूत्रों के अनुसार ओबामा ने गिलानी के साथ ब्लेयर हाउस में अपनी 40 मिनट की मुलाकात के दौरान उनसे कहा कि वह निजीतौर पर भी इस बात को मानते हैं कि मुंबई हमले के दोषियों के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा की जाने वाली कार्रवाई एक सकारात्मक स्थिति होगी।

फिलहाल गिलानी की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है, लेकिन उन्हें भारतीय टीवी चैनलों से यह कहते सुना गया है कि पाकिस्तान किसी भी तरह के आतंकवाद के खिलाफ है और वह निश्चितरूप से मुंबई हमले के दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई करेगा।

बैठक के दौरान ओबामा ने पाकिस्तान में गंभीर बिजली संकट से निपटने हेतु गिलानी को भारत जैसे किसी असैन्य परमाणु समझौते का आश्वासन नहीं दिया। ओबामा ने कहा कि विकास और सुरक्षा चिंताओं के बीच एक उचित संतुलन बनाए जाने की आवश्यकता है।

बाद में व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "ओबामा ने कहा है कि वह पाकिस्तान के बहुत मुरीद हैं। उन्होंने अपने कॉलेज के दिनों में पाकिस्तान का भ्रमण किया था।"

बयान में कहा गया है, "ओबामा ने गिलानी के साथ 24-25 मार्च को हुए रणनीतिक संवाद के दौरान हुई द्विपक्षीय प्रगति पर चर्चा की और दीर्घकालिक रिश्ते में आपसी चिंता के मुद्दों से निपटने हेतु पाकिस्तान के साथ मिल कर काम करने के अमेरिका के संकल्प को दोहराया।"

व्हाइट हाउस के अनुसार गिलानी ने आश्वासन दिया है कि पाकिस्तान परमाणु सुरक्षा को गंभीरता से लेता है और इसके लिए उसने उचित सुरक्षा बंदोबस्त किया है।

इसके पहले विदेश सचिव निरुपमा राव ने कहा था कि ओबामा ने पाकिस्तानी मूल के आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से पूछताछ के भारतीय आग्रह पर पूरे सहयोग का विश्वास दिलाया है। हेडली इन दिनों अमेरिकी हिरासत में है।

राष्ट्रपति के अतिथि गृह ब्लेयर हाउस में रविवार को चली करीब 50 मिनट की बैठक में प्रधानमंत्री सिंह ने आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए अमेरिका का समर्थन मांगा।

राव के अनुसार प्रधानमंत्री ने ओबामा से कहा, "हमारे क्षेत्र में आतंकवाद का खतरा है और अगर यह जारी रहता है तो हमारी प्रगति पर इसका असर पड़ सकता है। इस खतरे से कैसे निपटा जाता है, इस पर दक्षिण एशिया का भविष्य निर्भर करेगा।"

सिंह ने ओबामा से कहा कि दोनों देशों के सामने आतंकवाद का समान खतरा है। दोनों नेताओं ने अफगानिस्तान और ईरान से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की।

ओबामा ने भारत को भरोसा दिलाया कि अमेरिका सीमा पार आतंकवाद और इससे जुड़ी भारत की चिंताओं पर पाकिस्तान से बात कर रहा है।

व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति ओबामा ने अफगानिस्तान में भारत की नियमित मानवीय और विकास संबंधी गतिविधियों का स्वागत किया। राव ने जोर दिया कि अफगानिस्तान में भारतीय भूमिका पर वाशिंगटन और नई दिल्ली में कोई मतभेद नहीं है।

प्रधानमंत्री ने ओबामा को बताया कि पाकिस्तान मुंबई हमले के गुनाहगारों को सजा दिलाने का जरा भी इच्छुक नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान की धरती से पनपने वाले आतंकवाद से निपटने की बात भी कही।

ओबामा ने प्रधानमंत्री सिंह को भरोसा दिलाया कि पाकिस्तान से गतिविधियां चलाने वाले आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हेडली से पूछताछ के लिए भारत के आग्रह का पूरा समर्थन करते हैं।

ओबामा ने हेडली मसले पर सकारात्मक भरोसा दिलाया। हालांकि उन्होंने इस बात के संकेत दिए कि कानूनी प्रक्रिया की वजह से पूछताछ में अभी वक्त लग सकता है।

राव ने बताया, "हेडली से पूछताछ की हमारी मांग के प्रति अमेरिका का रुख पूरी तरह सहयोगात्मक है। कानूनी प्रक्रिया के तहत अमेरिकी इस संबंध में कार्रवाई कर रहे हैं।"

हेडली मुंबई हमलों का प्रमुख आरोपी है और वह इस बारे में अपने गुनाह अमेरिकी अदालत के समक्ष स्वीकार कर चुका है।

वार्ता में शरीक हुए भारत के आठ सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, विदेश सचिव निरूपमा राव, अमेरिका में भारत की राजदूत मीरा शंकर और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

अमेरिकी शिष्टमंडल में विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेम्स जोन्स, दक्षिण एशिया मामलों के सहायक विदेश मंत्री रॉबर्ट ब्लेक और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

ओबामा ने सिंह से मुलाकात के दौरान यह भी कहा कि अमेरिका पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य मदद की कड़ाई से निगरानी करेगा।

राव के मुताबिक ओबामा ने प्रधानमंत्री सिंह से कहा, "पाकिस्तान को दी जाने वाली सैन्य सहायता की निगरानी की जा रही है और भारत के हित के मद्देनजर इस पर निगरानी जारी रहेगी।"

परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन की पूर्व संध्या पर हुई इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर भी चर्चा की। ईरान पर नए सिरे से प्रतिबंधों को लगाने पर ओबामा ने भारत का सहयोग लेने की कोशिश की।

इस मसले पर प्रधानमंत्री ने संतुलित रुख दिखाते हुए कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है, लेकिन इसका हल वार्ता और कूटनीति के जरिए होना चाहिए।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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