नत्थी वीजा, सीमा विवाद पर भारत-चीन की वार्ता मंगलवार को
कृष्णा मंगलवार को चीनी विदेश मंत्री यांग जीची के साथ बीजिंग में विस्तृत मुद्दों पर बातचीत करेंगे। विदेश मंत्री बनने के बाद कृष्णा का यह पहला चीन दौरा है।
इस महीने के अंत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और चीन के राष्ट्रपति वेन जियाबाओ की वाशिंगटन और ब्रासिलिया में होने वाली संभावित मुलाकातों के पहले कृष्णा का चीन दौरा हो रहा है।
कृष्णा चीन में भारत महोत्सव का औपाचारिक रूप से उद्घाटन करेंगे और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक समारोह में हिस्सा लेंगे।
दोनों पक्ष सीमा विवाद के हल के लिए अपने विशेष प्रतिनिधियों के बीच 14वें दौर की बातचीत के लिए तारीखें भी तय कर सकते हैं।
कृष्णा चीनी नेताओं के साथ बातचीत के दौरान बीजिंग के साथ असहमति के प्रमुख मुद्दों को उठाएंगे। इन मुद्दों में सीमा विवाद, जम्मू एवं कश्मीर में चीनी गतिविधियां और जम्मू एवं कश्मीर के भारतीय नागरिकों को अलग से नत्थी किया हुआ वीजा जारी करने जैसे मुद्दे शामिल होंगे।
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने शनिवार को यहां संवाददाताओं से कहा था, "चीन के साथ सीमा मुद्दे पर, जम्मू एवं कश्मीर में चीन की निर्माण संबंधी गतिविधियों पर और कश्मीरियों को नत्थी किया हुआ वीजा जारी करने को लेकर असहमतियां हैं।"
सरकार ने शनिवार को चीन से कहा कि वह जम्मू एवं कश्मीर से संबंधित भारतीय नागरिकों को अलग से नत्थी किया हुआ वीजा जारी करना बंद करे। सरकार ने कहा कि बीजिंग को इस मुद्दे पर नई दिल्ली की प्रमुख चिंता के प्रति संवेदनशील होना चाहिए।
विदेश मंत्रालय में चीन और पूर्व एशियाई मामलों के प्रभारी संयुक्त सचिव गौतम बंबावाले ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हमने चीन से कहा है कि वह दोहरी वीजा नीति से बाज आए।"
बंबावाले ने कहा, "भारत के लिए यह मामला प्रमुख चिंता का विषय है, क्योंकि यह हमारी क्षेत्रीय संप्रभुता और अखंडता से जुड़ा हुआ है। हम इस मुद्दे को लेकर चीन पर दबाव बनाए रखेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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