संविधान की बहाली से भुट्टो के दर्शन पर लगेगी मुहर : जरदारी
संविधान की बहाली से खुद जरदारी की शक्तियों में भारी कमी आएगी।
भुट्टो की 31वीं पुण्य तिथि पर रविवार को राष्ट्र के नाम दिए एक संदेश में जरदारी ने कहा, "हम जनता को सशक्त बनाने के अपने अभियान को लगातार जारी रखने का संकल्प लेते हैं।"
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) के मुताबिक जरदारी ने कहा कि भुट्टो ने लोगों को जगाया और राष्ट्र को एकजुट रखने के लिए संघीय, लोकतांत्रिक और संसदीय चरित्र वाले एक सर्वसम्मत संविधान को अस्तित्व में लाने हेतु एक सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास की अगुवाई की।
जरदारी ने कहा, "आज.. यह सबसे महत्वपूर्ण है कि राष्ट्र संविधान के उन सभी तत्वों, जिसमें तानाशाही का अवशेष है, को खत्म करने के लिए कदम उठा रहा है।"
ज्ञात हो कि तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल जिया-उल-हक के तख्ता पलट करने के बाद चार अप्रैल 1979 को भुट्टो को फांसी दे दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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