पत्नी के गहनों का दुरुपयोग नहीं कर सकते : अदालत
गांधीनगर, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। किसी महिला को विवाह के समय अपने परिवार से मिले उपहार, नकदी और गहनों का उपयोग उसका पति किसी अन्य महिला के नाम से संपत्ति खरीदने के लिए नहीं कर सकता। अहमदाबाद की एक अदालत ने एक मामले में यह फैसला सुनाया।
अहमदाबाद महानगर दंडाधिकारी के. बी. मघनानी की अदालत ने उस संपत्ति की बिक्री पर रोक लगा दी है जिसे पिनाकी मकवाना के पति मुकेश मकवाना ने एक अन्य महिला के साथ संयुक्त नाम से खरीदी थी। यह संपत्ति पिनाकी के शादी के उपहारों से खरीदी गई थी।
न्यायाधीश ने कहा, "शादी के उपहारों से इस तरह की संपत्ति पति-पत्नी को छोड़ किसी अन्य के साथ संयुक्त नाम से नहीं खरीदी जा सकती।"
पिनाकी ने अपने पति मुकेश, सास, ननद, और अन्य के खिलाफ घरेलू हिंसा, दहेज और उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था।
पुलिस को दी शिकायत में पिनाकी ने कहा कि उसका पति उसके प्रति ईमानदार नहीं है और उसके एक शादीशुदा महिला से विवाहेत्तर संबंध हैं।
पिनाकी ने अपनी शिकायत में कहा कि उसके पति ने दहेज में उसके पिता से 1.20 लाख रुपये लिए थे। इसके साथ ही उसने अन्य महिला के साथ संयुक्त नाम से संपत्ति खरीदने के लिए मेरे गहने भी बेच दिए।
पिनाकी को 19 फरवरी को उसके पति ने छोटी बच्ची के साथ घर से निकाल दिया था। इसके बाद पिनाकी की शिकायत पर घरेलू हिंसा से जुड़े सुरक्षा अधिकारी ने 12 मार्च को मामला दर्ज किया। मामला दर्ज किए जाने के बाद पिनाकी के पति मुकेश और अन्य को गिरफ्तार कर लिया गया।
अदालत ने हालांकि यह फैसला शुक्रवार को सुनाया लेकिन यह शनिवार की देर शाम ही उपलब्ध हो सका।
इस मामले में पिनाकी ने अपने पति से और दूसरी महिला के पति ने तलाक के लिए आवेदन किये हैं।
इंडो-एश्यिन न्यूज सर्विस।












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