मुर्तजा, शाहनवाज के कत्ल में हुकूमत का हाथ : फातिमा

वह बेनजीर पर भी राजनीतिक सत्ता पाने के लिए फौजी तानाशाह जनरल जिया-उल हक के साथ बातचीत शुरू कर परिवार में फूट डालने का आरोप लगाती हैं।

पिता की 20 सितम्बर 1996 को कराची में प्रेस कांफ्रेंस से घर लौटते समय हुई हत्या का विस्तार से वर्णन करते हुए फातिमा बताती हैं, "पूरे इलाके में पुलिस मौजूद थी, दरख्तों पर, इमारतों पर, सड़कों पर। उनकी कार के आते ही पुलिस ने उसे रोका गोलीबारी शुरू कर दी। इसका हुक्म सरकार के शीर्ष स्तर से ही आया होगा।"

फातिमा ने अपनी पुस्तक 'सांग्स ऑफ ब्लड एंड स्वोर्ड' जारी होने के दौरान कहा किउस समय बेनजीर का बतौर प्रधानमंत्री दूसरा कार्यकाल था और उनके पिता की हिफाजत सरकार की 'नैतिक जिम्मेदारी' थी।

फातिमा ने बताया, "पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया था कि उन्हें पीछे से काफी नजदीक से गोली मारी गई थी।"

वर्ष 1996 में बेनजीर सरकार की बर्खास्तगी के बाद मुर्तजा की हत्या में हाथ होने के आरोप में वर्तमान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को बंदी बना लिया गया था। इस मामले में कभी कोई आरोप साबित नहीं किया जा सका क्योंकि मुर्तजा के कत्ल वाले स्थान को पुलिस के जांचकर्ताओं के मौके पर पहुंचने से पहले ही धुलवा दिया गया था।

तीन दिसंबर 2009 को कराची की एक अदालत ने 20 पुलिसकर्मियों को कत्ल के आरोप से बरी कर दिया था।

फातिमा ने कहा, "यानी यह एक ऐसी स्थिति थी कि किसी को भी मेरे पिता की हत्या के लिए दोषी नहीं ठहराया गया। जिन लोगों पर हत्या के पीछे हाथ होने का आरोप था उन्हें तरक्की दे दी गई। जरदारी ने उनमें से एक को तो फेडरल इंवेस्टीगेशन एजेंसी का प्रमुख तक बना दिया।"

उन्होंने 18 जुलाई 1985 में फ्रांस के नाइस में रहस्यमय हालात में हुई अपने चाचा शाहनवाज की मौत का भी जिक्र किया।

फातिमा ने कहा, "परिवार में सुलह होने को थी और पूरे परिवार को यकीन था कि कत्ल का हुक्म जिया ने दिया था। लेकिन एक साल बाद बेनजीर ने जिया के साथ सत्ता के बंटवारे को लेकर वार्ता शुरू कर दी। यही से घर में दरार पड़ी।"

फातिमा ने कहा, "मेरा राजनीति में कदम रखने का कोई इरादा नहीं है। मैं हमेशा से लेखिका रही हूं और उसी पर ध्यान देना चाहती हूं।"

भुट्टो परिवार पिछले चार दशक से हिंसा का शिकार होता आया है। फातिमा के दादा और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री जुल्फिकार अली भट्टो को 1979 में फांसी दे दी गई थी। फातिमा के चाचा शाहनवाज 18 जुलाई 1985 को फ्रांस के नाइस में एक होटल में रहस्यमय हालात में मृत मिले थे। भुट्टो परिवार को यकीन है कि उन्हें जहर देकर मारा गया था।

फातिमा के पिता मुर्तजा 20 सितम्बर 1996 को पुलिस गोलीबारी में मारे गए थे और उनकी बुआ बेनजीर की 27 दिसंबर 2007 को हत्या हो गई थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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