रुचिका के स्कूल का जांच में तथ्यों की अनदेखी का दावा
चण्डीगढ़, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। संबद्धता समाप्त किए जाने के खतरे का सामना कर रहे सेक्रेड हार्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने रविवार को दावा कि छेड़खानी की शिकार रुचिका गिरहोत्रा के स्कूल से निष्कासन के मामले में उसे दोषी ठहराने के लिए जानबूझकर तथ्यों की अनदेखी की गई, वहीं चण्डीगढ़ प्रशासन ने इस आरोप को खारिज कर दिया।
स्कूल पर लगे आरोपों के बाद सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई), नई दिल्ली ने चंडीगढ़ के सेक्टर 26 स्थित स्कूल को फरवरी में एक नोटिस जारी कर पूछा था कि क्यों न उनकी संबद्धता समाप्त कर दी जाए।
सीबीएसई को दिए उत्तर में स्कूल के अधिकारियों ने जांच रिपोर्ट के निष्कर्षो से इंकार किया और कहा जांच अधिकारी ने कई ठोस तथ्यों की अनदेखी की।
चण्डीगढ़-शिमला क्षेत्र के बिशप के सहायक अधिकारी और प्रवक्ता फादर थामस एंचनीकाल ने आईएएनएस से कहा, "हमने हाल ही में अपना जवाब सीबीएसई को भेजा है, इसमें हमने सब डिविजनल मजिस्ट्रेट प्रेमा पुरी की जांच रिपोर्ट की सामग्री का कड़ा खंडन और विरोध किया है। अब तक सीबीएसई से इस संबंध में अन्य कोई सूचना नहीं मिली है।"
एंचनीकाल ने कहा कि स्कूल ने अपने जवाब में कहा कि जांच अधिकारी ने जिम्मेदारी के साथ रिपोर्ट नहीं तैयार की और उनके सामने रखे गए कई तथ्यों की जानबूझकर अनदेखी की।
उधर प्रशासन ने जोर दिया कि जांच निष्पक्ष तरीके से की गई।
गृह सह शिक्षा सचिव राम निवास ने आईएएनएस से कहा, "हम जांच से पूरी तरह संतुष्ट हैं जिसमें स्कूल प्रशासन को दोषी पाया गया है। जांच अधिकारी ने अत्यधिक निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम किया और मामले के सभी पहलुओं को देखा।"
जांच रिपोर्ट में आरोप लगयाा गया कि सितंबर 1990 में फीस जमा नहीं करने के कारण रुचिका के निष्कासन में स्कूल की प्रधानाचार्या सेबेस्टियन की भूमिका सही नहीं थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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