जम्मू एवं कश्मीर में 4.5 लाख कर्मचारी हड़ताल पर
कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से सभी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। यद्यपि हड़ताल के दौरान आवश्यक सेवाओं जैसे अस्पताल, स्वास्थ्य सेवा और बिजली की आपूर्ति जारी रही।
जम्मू एवं कश्मीर में सरकारी कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति के नेता अब्दुल कयूम ने कहा, "यह हड़ताल छह अप्रैल तक जारी रहेगी और यदि सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है तो हम सरकार पर दबाव बनाने के लिए आगे की रणनीति तैयार करेंगे।"
कयूम ने कहा, "हम किसी असाधारण चीज की मांग नहीं कर रहे हैं। हम सरकार के वादे के अनुसार अपनी बकाया राशि की मांग कर रहे हैं।"
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दिल्ली में हैं। उम्मीद है कि केंद्रीय नेतृत्व से इस मुद्दे पर बातचीत करेंगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों से वादा किया था कि विधानसभा चुनावों के बाद उनके बकाए राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। कर्मचारियों को एक अगस्त, 2009 से बढ़ा हुआ वेतन तो दे दिया गया था लेकिन एक जनवरी, 2006 से 31 जुलाई 2009 तक की एरियर की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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