उमा भारती ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया (लीड-1)
राजनीतिक हलकों में इस बात की चर्चा है कि वह भाजपा में दोबारा लौट सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने ऐसे संकेत दिए थे कि पार्टी से निष्कासित कुछ नेताओं की घरवापसी हो सकती है।
उमा भारती ने हालांकि इस्तीफे की वजह स्वास्थ्यगत कारणों को बताया है।
भारती ने पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संघप्रिय गौतम को लिखे एक पत्र में स्वयं को पार्टी की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करने की बात कही है।
भाजश की ओर से जारी पत्र की प्रति के मुताबिक भारती ने देश की वर्तमान राजनीतिक स्थितियों और अपनी स्वास्थ्य की स्थितियों को देखते हुए आत्मनिरीक्षण और आत्मचिंतन करने के लिए जिम्मेदारियों से मुक्त होने की बात कही है।
उन्होंने कहा है कि जिम्मेदारियों से मुक्त होकर वह संपूर्ण स्थितियों के बारे में ठीक से आत्मनिरीक्षण, आत्मचिंतन कर सकेंगी। साथ ही उन्होंने कार्यकारी अध्यक्ष से पार्टी में उनके सहयोगी रहे बाबूराम निषाद को अध्यक्ष बनाने की सिफारिश की है।
भाजश के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उमा भारती ने पार्टी से नहीं सिर्फ अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है।
भाजपा की वरिष्ठ नेता रहीं उमा भारती मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री रहने के अलावा केंद्रीय मंत्री भी रही हैं। उन्होंने 2004 में वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के खिलाफ खुला विद्रोह कर दिया था। इसके बाद उन्हें अस्थायी तौर पर निलंबित कर दिया गया था।
उनका निलंबन बाद में रद्द कर दिया गया था लेकिन 2005 में उन्होंने शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाए जाने का विरोध किया। इसके बाद उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया।
वर्ष 2006 में उन्होंने अपनी नई पार्टी बनाई लेकिन पिछले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह अपने गृह क्षेत्र की सीट टीकमगढ़ से भी चुनाव हार गईं थी।
इंडो-एशियन न्यूज सíवस।












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