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देश में 800 नए विश्वविद्यालयों की जरूरत : सिब्बल

By Jaya Nigam
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नई दिल्ली। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल के मुताबिक देश में 800 नये विश्वविद्यालयों की जरूरत है। सिब्बल ने कहा कि देश में मौजूद 480 विश्वविद्यालय अपर्याप्त हैं और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए और विश्वविद्यालय होने चाहिए।

ये बात सिब्बल ने यूनेस्को द्वारा आयोजित एक शिक्षा सम्मेलन में कही। उन्होने कहा कि देश में इस समय लगभग 12.4 प्रतिशत इनरोलमेंट (नामांकन) हो रहे हैं। हमारा इरादा अगले कुछ सालों में इसे 30 प्रतिशत तक पहुंचाने का है। बात साफ करते हुए वह बोले कि इस नामांकन का मतलब है कि आज की तारीख में देश के 100 छात्रों में से केवल 12.4 छात्र ही उच्च शिक्षा हासिल कर पाते हैं।

हम चाहते हैं कि 18 से 24 वर्ष की आयु के हर 100 छात्रों में से कम से कम 30 को उच्च शिक्षा उपलब्ध हो। इसके लिए 800 नए विश्वविद्यालय और 35,000 नए कॉलेजों की आवश्यकता है। वैश्विक जीईआर 23 प्रतिशत है और भारत उससे काफी पीछे है।

उन्होंने कहा कि विकसित देशों में जीईआर 40 प्रतिशत से अधिक है। कुछ देशों में तो यह 53 प्रतिशत तक है। आर्थिक वृद्धि दर आठ-नौ प्रतिशत होने से गुणवत्ता युक्त मानव शक्ति की मांग अधिक है। शिक्षा पर यूनेस्को द्वारा आयोजित भारत, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका जैसे देशों के सांसदों के संपर्क समूहों की यह पहली बैठक थी।

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