परमाणु समझौता की पाकिस्तान की इच्छा, अमेरिका प्रतिबद्ध नहीं
वाशिंगटन, 24 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका के साथ रणनीतिक वार्ता करने जा रहे पाकिस्तान की इच्छा भारत के समान परमाणु समझौते और शांति प्रक्रिया में वाशिंगटन के सीधे हस्तक्षेप की है लेकिन अमेरिका का रुख इस पर टालू है।
अमेरिकी विदेश विभाग इस बात से इंकार कर रहा है कि पाकिस्तान ने दो दिवसीय रणनीतिक वार्ता से पहले मांगों की 56 पेजों की सूची दी है। वाल स्ट्रीट जर्नल ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से कहा कि इसमें अफगान तालिबान के खिलाफ कार्रवाई की योजना शामिल है।
क्राउले ने कहा कि पाकिस्तान के साथ असैन्य परमाणु समझौते पर वार्ता नहीं होने जा रही है। यदि अगले दो दिनों की वार्ता में पाकिस्तान इस मुद्दे को उठाता है तो वह इसे सुनेंगे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के साथ रणनीतिक वार्ता की अध्यक्षता करने जा रही अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने भी पाकिस्तानी मीडिया से कहा कि इस्लामाबाद वार्ता के दौरान परमाणु समझौते का मुद्दा उठा सकता है लेकिन इसके परिणाम को लेकर उनका कोई पूर्वाग्रह नहीं है।
पाकिस्तान के एक्सप्रेस टीवी समूह को एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, "मैं निश्चित हूं कि यह मामला उठेगा और हम इस पर चर्चा करेंगे लेकिन मैं पहले नहीं बता सकती कि इसका क्या परिणाम होगा।"
उन्होंने भारत के साथ पाकिस्तान के जल विवाद और अन्य पड़ोसियों के साथ विवादों में सीधे अमेरिकी हस्तक्षेप से इंकार किया।
क्लिंटन ने कहा कि पानी पर भारत और पाकिस्तान के बीच एक समझौता है। मौजूदा व्यवस्था के माध्यम से भारत और पाकिस्तान के बीच के विवाद को सुलझता देखना सही होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications