ईंधन कीमतों में वृद्धि के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की तैयारी (लीड-1)
नई दिल्ली, 24 मार्च (आईएएनएस)। पेट्रोलियम मंत्रालय ने अगले महीने ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है। देश के 13 शहरों में एक अप्रैल से यूरो-चार मानक वाले पेट्रोल और डीजल मिलने लगेगा जिसकी कीमत अपेक्षाकृत अधिक होगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मंत्री मुरली देवड़ा ने बुधवार को बिजवासन तेल टर्मिनल से यूरो-चार मानक वाले ईंधन से भरे इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम कंपनियों के टैंकरों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हरी झंडी दिखाकर अपेक्षाकृत साफ ईंधन को बाजार में उतारने की शुरुआत की।
यह अब तक मिलने वाले पेट्रोल और डीजल की तुलना में ज्यादा साफ होगा हालांकि इसके लिए कीमत भी ज्यादा चुकानी पड़ेगी।
यूरो-चार पेट्रोल की कीमत यूरो-तीन पेट्रोल की तुलना में प्रति लीटर 46 पैसे ज्यादा और यूरो-चार डीजल की कीमत यूरो-तीन डीजल की तुलना में 26 पैसे प्रति लीटर अधिक होगी।
सरकार पहले ही संकेत दे चुकी है कि तेल कंपनियों के बढ़ते घाटे को देखते हुए ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
इस मौके पर पेट्रोलियम सचिव एस. सुंदरेशन
ने कहा कि जल्द ही यदि कड़े कदम नहीं उठाए गए तो तेल कंपनियों का घाटा और बढ़ जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस वित्त वर्ष में तेल कंपनियों को 45,000 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। अगर कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की जाती है तो यह आंकड़ा 70,000 करोड़ रुपये को पार कर जाएगा।
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां इस समय पेट्रोल पर छह रुपये, डीजल पर चार रुपये, केरोसीन पर 17 रुपये और रसोई गैस सिलेंडर पर 267 रुपये का नुकसान उठा रही हैं।
सुंदरेशन ने कहा, "दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद और बेंगलुरू समेत 13 शहरों में एक अप्रैल से यूरो-चार मानक वाले ईंधन उपलब्ध हो जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि इस तरह के ईंधन के उत्पादन के लिए तेल कंपनियों ने अपने तेल शोधक संयंत्रों को पहले से उन्नत किया है। इसके लिए करीब 40,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
सुंदरेशन ने संकेत दिए कि यह खर्च उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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