पूर्व नेपाल नरेश की सक्रियता बढ़ी
काठमांडू, 24 मार्च (आईएएनएस)। दक्षिणी नेपाल के धार्मिक स्थल जनकपुर की यात्रा करने वाले घरेलू यात्री बुधवार को अपने बीच नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह को पाकर आश्चर्यचकित रह गए। पूर्व नरेश एक आम व्यक्ति की तरह धार्मिक समारोह में शामिल हुए और उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
जनकपुर हवाईअड्डे पर राजशाही समर्थकों ने उनका स्वागत मालाओं से किया और राजतंत्र स्थापित करने के पक्ष में नारे लगाए।
रामनवमी के दिन रामजानकी मंदिर पहुंचे ज्ञानेंद्र ने कहा कि उनकी कामना नेपाल में शांति स्थापना की है और पार्टियों को इसे हासिल करने के लिए आम सहमति से काम करना होगा।
गद्दी छोड़ने के बाद से सार्वजनिक तौर पर कम दिखाई देने वाले ज्ञानेंद्र की सार्वजनिक गतिविधियां काफी बढ़ गईं हैं, इससे अटकलों का बाजार काफी तेज हो गया है।
पिछले महीने ज्ञानेंद्र कावरे जिले के पनौती कस्बे में कुंभ मेला और काठमांडू में एक हिंदू पुजारी के नौ दिवसीय धार्मिक समारोह में दिखे।
इसके अलावा उन्होंने नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने वालों की मांग का समर्थन किया। नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने वालों की मांग का समर्थन करने के लिए काठमांडू पहुंचे विवादास्पद भारतीय तांत्रिक चंद्रास्वामी के साथ भी ज्ञानेंद्र दिखे।
चंद्रास्वामी के दौरे के बाद भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह भी नेपाल पहुंचे और कहा कि उनकी पार्टी नेपाल को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग का समर्थन करती है।
नेपाल में बहुप्रतीक्षित नए संविधान को स्वीकार करने में 70 से भी कम दिन बचे हैं। नए संविधान में नेपाल को धर्मनिरपेक्ष देश घोषित होने की उम्मीद है। ऐसी स्थिति में पूर्व नरेश की बढ़ती सार्वजनिक गतिविधियों ने राजशाही के प्रबल विरोधी माओवादियों को सजग कर दिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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